कर्नाटक की राजनीति में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पद में बदलाव की अटकलों के बीच अब नई सरकार और नए मंत्रिमंडल को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस नेतृत्व लगातार बैठकों के जरिए नई टीम को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। माना जा रहा है कि नई सरकार में अनुभव और संगठन दोनों को महत्व दिया जाएगा।
पुराने चेहरों पर फिर भरोसा
सूत्रों के अनुसार संभावित मंत्रिमंडल में कई मौजूदा मंत्रियों को दोबारा मौका मिल सकता है। पार्टी प्रशासनिक कामकाज में रुकावट नहीं चाहती, इसलिए कुछ अनुभवी नेताओं को बरकरार रखने की तैयारी है। इससे सरकार के कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी और नए नेतृत्व को भी सहयोग मिलेगा।
यतींद्र सिद्धारमैया पर नजर
सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि उन्हें नई सरकार में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा एएस पोन्नन्ना का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में बताया जा रहा है। दोनों नेताओं को सिद्धारमैया खेमे का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है।
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वरिष्ठ नेताओं की मजबूत दावेदारी
संभावित सूची में जी परमेश्वर, एमबी पाटिल, बायरथी सुरेश और एचसी महादेवप्पा जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। ये सभी नेता लंबे समय से कांग्रेस संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दे सकती है।
प्रियांक खड़गे समेत कई नाम चर्चा में
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और वरिष्ठ नेता प्रियांक खड़गे का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कृष्णा बायरे गौड़ा, संतोष लाड, दिनेश गुंडू राव, लक्ष्मी हेब्बालकर और रामलिंगा रेड्डी जैसे नेताओं को भी नई टीम में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। इनमें कई नेता पहले भी महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं।
अंतिम फैसला अभी बाकी
रिजवान अरशद, यूटी खादर और युवा नेता शरथ बाचेगौड़ा के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी किसी सूची की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और विधायक दल की बैठक के बाद ही सामने आएगा। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि नई सरकार में किन नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलती है और कर्नाटक की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।