कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही खींचतान अब आखिरकार खत्म होती दिख रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है और आज दोपहर साढ़े 3 बजे वह अपने पद से त्यागपत्र सौंप सकते हैं। इस्तीफे से पहले वह 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, जिसमें अपने राजनीतिक भविष्य और नए मुख्यमंत्री को लेकर बड़ा बयान दे सकते हैं। कांग्रेस के भीतर अब लगभग साफ हो चुका है कि डीके शिवकुमार ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
प्रियंका गांधी की एंट्री से बदला पूरा समीकरण
सूत्रों के मुताबिक पिछले कई महीनों से डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए लगातार दिल्ली में लॉबिंग कर रहे थे, लेकिन राहुल गांधी को मनाने में सफल नहीं हो पा रहे थे। इसके बाद उन्होंने प्रियंका गांधी से सीधा संपर्क किया। बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी दोनों को डीके शिवकुमार के पक्ष में राजी किया। इसके बाद ही सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली और अब कांग्रेस हाईकमान ने हरी झंडी दे दी है।
ब्रेकफास्ट मीटिंग में हुआ बड़ा ऐलान
बेंगलुरु में हुई ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान सिद्धारमैया ने मंत्रियों के सामने साफ कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में आने के लिए कहा है और वह हाईकमान का फैसला मानते हुए इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “राहुल गांधी जो कहेंगे, मैं वही करूंगा।” इस दौरान डीके शिवकुमार भी बैठक में मौजूद रहे और कांग्रेस नेताओं ने सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पर चर्चा की।
ये भी पढ़ें : BJP संगठन में बड़ा फेरबदल, Delhi समेत चार राज्यों को मिले नए प्रदेश अध्यक्ष
डीके शिवकुमार के समर्थकों में जश्न
सिद्धारमैया के इस्तीफे की खबर सामने आते ही डीके शिवकुमार समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। माना जा रहा है कि 30 मई को डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। 2023 में सरकार बनने के समय ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की चर्चा हुई थी, लेकिन तब सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने थे। अब करीब 3 साल बाद डीके शिवकुमार का इंतजार खत्म होता दिख रहा है।
3 डिप्टी सीएम फॉर्मूले पर भी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में सामाजिक संतुलन साधने के लिए 3 डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इनमें एक ओबीसी, एक दलित और एक मुस्लिम चेहरे को मौका देने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस हाईकमान कर्नाटक में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार कर रहा है। इसी वजह से आने वाले कुछ घंटे कर्नाटक की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।