कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री Siddaramaiah, उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar और वरिष्ठ नेता G. Parameshwara के दिल्ली पहुंचने के बाद राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं को जनता से ज्यादा सत्ता की चिंता है।
दिल्ली दौरे से तेज हुई अटकलें
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। अब सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और जी परमेश्वर के दिल्ली पहुंचने से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। राजनीतिक गलियारों में इसे सत्ता संतुलन और मुख्यमंत्री पद की संभावित खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
BJP ने कहा- ‘जनता नहीं, कुर्सी की चिंता’
भाजपा प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में पिछले तीन वर्षों से मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी संघर्ष चल रहा है। उनके मुताबिक कभी डीके शिवकुमार, कभी सिद्धारमैया और कभी जी परमेश्वर मुख्यमंत्री बनने की चर्चा करते हैं, जबकि आम जनता विकास और कानून व्यवस्था की समस्याओं से परेशान है।
विकास कार्यों पर लगाए सवाल
पूनावाला ने आरोप लगाया कि राज्य में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के कई काम प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अस्थिरता के कारण ‘ब्रांड कर्नाटक’ की छवि को नुकसान पहुंचा है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस नेता दिल्ली में सत्ता संतुलन की राजनीति में व्यस्त हैं, जबकि राज्य की जनता मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है।
खड़गे और राहुल गांधी को लेकर भी साधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और नेता विपक्ष Rahul Gandhi को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के सवाल पर खड़गे द्वारा राहुल गांधी का नाम लेने से यह संदेश जाता है कि पार्टी में अंतिम निर्णय परिवार के हाथ में है।
कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर बढ़ी चर्चा
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही नेतृत्व को लेकर समय-समय पर चर्चाएं सामने आती रही हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक किसी बदलाव को लेकर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन दिल्ली में नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।