आर. वी. देशपांडे के बयान ने कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने दावा किया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अगले 24 घंटे में इस्तीफा दे सकते हैं। देशपांडे ने कहा कि सिद्धारमैया पहले ही आलाकमान को वादा कर चुके हैं और अब अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को लेना है।
राज्यपाल से समय मांगने के बाद बढ़ीं अटकलें
राजनीतिक चर्चाओं को और बल तब मिला जब सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय मांगा। माना जा रहा है कि वह अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
डीके शिवकुमार का नाम सबसे आगे
सूत्रों के मुताबिक अगर सिद्धारमैया इस्तीफा देते हैं तो उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है। लंबे समय से कांग्रेस के भीतर नेतृत्व बदलाव को लेकर चर्चाएं चल रही थीं और अब हालात निर्णायक मोड़ पर पहुंचते दिख रहे हैं।
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दिल्ली में हुई लंबी बैठक
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ लंबी बैठक की। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल फेरबदल, क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरणों को लेकर भी चर्चा हुई है।
मंत्रियों ने भी दिए संकेत
कर्नाटक सरकार के मंत्री एचके पाटिल और सतीश जारकीहोली ने भी संकेत दिए हैं कि अगले एक-दो दिनों में स्थिति साफ हो सकती है। नेताओं का कहना है कि फिलहाल सभी की नजर मुख्यमंत्री की अगली घोषणा पर टिकी हुई है।
अब सबकी नजर कांग्रेस आलाकमान पर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा रणनीतिक कदम होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व कर्नाटक में किस चेहरे पर भरोसा जताता है और क्या डीके शिवकुमार को आखिरकार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलती है।