मध्यप्रदेश के हरदा जिले में करणी सेना का प्रदर्शन रविवार को उग्र हो गया। पुलिस पर ठगी के आरोपी को बचाने के आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम किया और सिटी कोतवाली थाने के बाहर धरना दिया। लगातार दो दिनों तक तनावपूर्ण हालात बने रहे। रविवार को स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। कार्रवाई में करणी सेना के जिलाध्यक्ष समेत 3 दर्जन से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।
ठगी का मामला बना वजह
हरदा निवासी आशीष राजपूत से मोहित वर्मा और अन्य आरोपियों ने 18 लाख रुपए का हीरा देने का झांसा देकर धोखाधड़ी की थी। बाद में उसे नकली हीरा थमा दिया गया और दिए गए चेक बाउंस हो गए। इस मामले में पुलिस ने चालान पेश किया, लेकिन करणी सेना ने पुलिस पर आरोपी से रिश्वत लेकर बचाने का आरोप लगाया।
शनिवार से शुरू हुआ विरोध
शनिवार को करणी सेना कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से बहस के बाद चार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई। इसके विरोध में कार्यकर्ता रातभर बायपास रोड पर चक्काजाम किए रहे।
रविवार को फिर हिंसा, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रविवार सुबह करणी सेना के संस्थापक जीवन सिंह शेरपुर के पहुंचते ही भीड़ और उग्र हो गई। समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो पुलिस ने आंसू गैस, लाठीचार्ज और पानी की बौछार से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। नर्मदापुरम, रायसेन, बैतूल और भोपाल से अतिरिक्त बल बुलाया गया।
प्रशासन का बयान
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि हालात अब नियंत्रण में हैं। कई बार समझाने के बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने, इसलिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।