
कार्तिक पूर्णिमा 2025 हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 14 नवंबर (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है। कार्तिक मास को देवताओं का प्रिय महीना कहा गया है, और पूर्णिमा के दिन की गई पूजा, स्नान, दान और उपासना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन मिट्टी से बनी कुछ विशेष वस्तुएं घर लाने से सुख-समृद्धि बढ़ती है और घर में अन्न-धन की कभी कमी नहीं रहती।
कार्तिक पूर्णिमा और मिट्टी का महत्व
धार्मिक ग्रंथों में पृथ्वी को स्वयं देवी स्वरूप माना गया है। मिट्टी से बनी वस्तुओं में सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता का वास माना गया है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन जब व्यक्ति मिट्टी की चीजों का प्रयोग करता है, तो यह मां लक्ष्मी और पृथ्वी देवी दोनों की कृपा का प्रतीक होता है। इसलिए इस दिन मिट्टी से बनी वस्तुओं को घर लाना शुभ माना जाता है।
कार्तिक पूर्णिमा पर मिट्टी से बनी 5 शुभ वस्तुएं
कार्तिक पूर्णिमा की रात गंगा या घर में मिट्टी के दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। माना जाता है कि दीपक का प्रकाश घर से दरिद्रता और नकारात्मकता को दूर करता है। मिट्टी का कलश घर में लाकर उसमें जल भरकर पूजा स्थान पर रखना अत्यंत शुभ माना गया है। यह घर में स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक है। गोमाता को धन और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है। कार्तिक पूर्णिमा पर मिट्टी की गाय या गोवर्धन प्रतिमा घर लाकर पूजा करने से अन्न-धान्य की वृद्धि होती है। इस दिन मिट्टी के पात्र में अन्न, चावल या तिल रखकर मां अन्नपूर्णा को अर्पित करने से कभी अन्न की कमी नहीं होती। यह प्रतीक है — “सदा भरा रहे अन्न का भंडार।” मिट्टी की छोटी धन-हांडी (पिगी बैंक की तरह) घर में लाने से घर में धनागमन बढ़ता है। इसे घर के उत्तर दिशा में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
सकारात्मकता और समृद्धि
कार्तिक पूर्णिमा 2025 केवल पूजन और स्नान का दिन नहीं, बल्कि सकारात्मकता और समृद्धि को अपने जीवन में आमंत्रित करने का अवसर है। इस दिन मिट्टी से बनी वस्तुओं का प्रयोग करने से पृथ्वी देवी और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। कहते हैं — “जहां मिट्टी का दीप जलता है, वहां लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करती हैं।”