Kartik Purnima 2026 Date: हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा को बहुत पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, दीपदान और दान-पुण्य करने की खास परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर किसी पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के पाप मिटते हैं और मोक्ष का मार्ग मिलता है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा की तारीख को लेकर लोगों में असमंजस है। कुछ जगह 23 नवंबर तो कहीं 24 नवंबर को पूर्णिमा बताई जा रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन स्नान कब करना सही रहेगा।
कार्तिक पूर्णिमा 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा की तिथि 23 नवंबर 2026 को रात 11 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 24 नवंबर को रात 8 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी। ज्योतिषविदों के मुताबिक, उदया तिथि के आधार पर कार्तिक पूर्णिमा का स्नान 24 नवंबर को किया जाएगा। इसी दिन दीपदान और दान-पुण्य भी किया जाएगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान क्यों किया जाता है?
कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीप जलाने की खास परंपरा है। इस दिन मंदिरों, नदियों के घाटों और घरों में दीपदान किया जाता है। कई लोग तुलसी के पौधे के पास भी दीपक जलाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कार्तिक पूर्णिमा का संबंध भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप धारण किया था। इसके अलावा सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की जयंती भी इसी तिथि को मनाई जाती है।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है और व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। स्नान के बाद नदी में दीपदान करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दीपदान करने से दस यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है। इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व है। कहा जाता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा से व्रत और पूजा करता है, उसे भगवान का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही जीवन में सुख-शांति और मनचाहा फल प्राप्त होने की कामना की जाती है।
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कार्तिक पूर्णिमा पर कैसे करें स्नान और पूजा?
कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। अगर आपके आसपास कोई पवित्र नदी, सरोवर या कुंड है, तो वहां जाकर स्नान कर सकते हैं। लेकिन किसी वजह से नदी तक जाना संभव न हो, तो घर पर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है। स्नान के बाद भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करें। इस दिन राधा-कृष्ण की आराधना करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार दीपदान करें। जरूरतमंद लोगों को भोजन, फल, मिठाई, कपड़े या अपनी सामर्थ्य के मुताबिक धन का दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर किया गया दान-पुण्य विशेष फल देता है। इसलिए इस दिन किसी जरूरतमंद की मदद करना भी अच्छा माना जाता है।