
करवा चौथ 2025 का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए एक खास अवसर होता है, जिसमें वे अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। यह पर्व हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं दिनभर निर्जल व्रत रखती हैं और चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि इस बार करवा चौथ के दिन भद्रा का साया तो नहीं है, क्योंकि भद्रा काल में पूजा करना शुभ नहीं माना जाता।
क्या 2025 में करवा चौथ पर भद्रा है?
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष करवा चौथ के दिन भद्रा का योग नहीं बन रहा है। यानी महिलाएं बिना किसी विघ्न और चिंता के शुभ मुहूर्त में व्रत और पूजा संपन्न कर सकती हैं। भद्रा काल वह समय होता है जो अशुभ माना जाता है और किसी भी मांगलिक कार्य, विशेष रूप से व्रत, पूजा या विवाह आदि के लिए अनुपयुक्त होता है। लेकिन इस बार भक्तों को राहत है कि भद्रा का प्रभाव इस पावन दिन पर नहीं रहेगा।
चंद्रोदय का समय और पूजन मुहूर्त
करवा चौथ के दिन चंद्रमा का दर्शन और अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है। चंद्रोदय का समय इस बार रात 8:12 बजे (स्थानीय समय में अंतर संभव) के आस-पास हो सकता है। महिलाएं चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल पीकर व्रत तोड़ती हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त:
शाम 5:45 बजे से 7:00 बजे तक करवा चौथ की पूजा का श्रेष्ठ समय रहेगा।