करवा चौथ 2025 का इंतजार अब बस खत्म होने वाला है। सुहागिन महिलाएं इस खास दिन का पूरे साल बेसब्री से इंतजार करती हैं। इस बार करवा चौथ 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में चांद निकलने का समय अलग-अलग रहेगा। आइए जानते हैं कब नजर आएगा चांद और क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त।
करवा चौथ का महत्व
हिंदू धर्म में करवा चौथ का त्योहार अत्यंत पवित्र और भावनात्मक माना गया है। इस दिन विवाहित महिलाएं सूर्योदय से पहले उठकर ‘सरगी’ खाती हैं और पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को वे सज-धज कर करवा माता की पूजा करती हैं, कथा सुनती हैं और फिर छलनी से चांद को देखकर पति के हाथों से जल पीकर व्रत तोड़ती हैं। यह व्रत वैवाहिक जीवन में प्रेम, निष्ठा और समर्पण का प्रतीक है।
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में चंद्रोदय का समय
इस साल करवा चौथ के अवसर पर मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में चांद के दर्शन अलग-अलग समय पर होंगे।
भोपाल: रात 8 बजकर 26 मिनट पर
इंदौर: रात 8 बजकर 33 मिनट पर
ग्वालियर: रात 7 बजकर 54 मिनट पर
वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष सामान्य चंद्रोदय का समय रात 8:13 बजे के आसपास रहेगा। हालांकि मौसम और दिशा के अनुसार समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 से 7:07 बजे तक रहेगा। कुल मिलाकर पूजा की अवधि लगभग 1 घंटा 9 मिनट की होगी। इस दौरान महिलाएं मिट्टी के करवे, दीपक, छलनी और करवा माता की तस्वीर या मूर्ति के साथ विधिवत पूजन करेंगी।
पूजा के समय ‘करवा चौथ कथा’ का वाचन करना और अपने पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करना शुभ माना गया है।
इस साल की खासियत
इस बार करवा चौथ शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, जिसे बेहद शुभ माना गया है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का माना जाता है, इसलिए इस बार व्रत रखने वाली महिलाओं को दोगुना फल प्राप्त होगा — एक ओर वैवाहिक सुख तो दूसरी ओर आर्थिक समृद्धि का आशीर्वाद।