वाराणसी के दालमंडी इलाके में बाबा काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने के लिए बनाए जा रहे वैकल्पिक मार्ग के चौड़ीकरण के तहत बुधवार सुबह पांच मस्जिदों के प्रभावित हिस्सों को हटाने का काम शुरू किया गया। इस परियोजना के तहत कुल 187 इमारतें प्रभावित हैं, जिनमें छह मस्जिदें भी शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक 162 इमारतों पर कार्रवाई हो चुकी है और करीब 70 भवन पूरी तरह हटाए जा चुके हैं। यह परियोजना धाम तक सुगम पहुंच और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
मस्जिद कमेटियों ने खुद संभाली तोड़ाई की जिम्मेदारी
इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि मस्जिदों से जुड़े लोग स्वयं मजदूरों के साथ प्रभावित हिस्सों को हटाने में शामिल हुए। जिन पांच मस्जिदों पर कार्रवाई शुरू हुई उनमें मिर्जा करीमुल्लाह बेग मस्जिद, संगेमरमर मस्जिद, अली रजा खान मस्जिद, निसारन मस्जिद और रंगीले शाह मस्जिद शामिल हैं। मौके पर स्थानीय लोगों की मौजूदगी में प्रभावित हिस्सों को सावधानी से हटाने का काम शुरू किया गया।
प्रशासन और वक्फ पक्ष के बीच बनी सहमति
प्रशासन और मस्जिद कमेटियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद इस कार्रवाई पर सहमति बनी। सभी मस्जिदें वक्फ संपत्ति हैं और प्रभावित हिस्सों के संबंध में पहले सर्वे और नापी का काम पूरा किया गया था। इसके बाद क्षतिपूर्ति और अन्य प्रक्रियाओं पर सहमति बनने के बाद निर्माण कार्य में बाधा बन रहे हिस्सों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आपसी सहमति के आधार पर की जा रही है।
सबसे ज्यादा असर अली रजा खान मस्जिद पर
परियोजना के तहत सबसे अधिक प्रभावित अली रजा खान मस्जिद बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मस्जिद का बड़ा हिस्सा चौड़ीकरण की जद में आ रहा है, जबकि अन्य चार मस्जिदों के केवल आंशिक हिस्से हटाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई पूर्व निर्धारित सर्वे और तकनीकी मानकों के आधार पर की जा रही है ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।
एक मस्जिद का मामला अभी अदालत में
दालमंडी क्षेत्र की छठी मस्जिद, लंगड़ा हाफिज मस्जिद, पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मस्जिद से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित है और प्रशासन व मस्जिद कमेटी के बीच अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। इसी कारण इस मस्जिद को वर्तमान कार्रवाई से अलग रखा गया है। अदालत के फैसले और आगे की प्रक्रिया के बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा।
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परियोजना पर नजर, अंतिम फैसला प्रक्रिया के बाद
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य काशी विश्वनाथ धाम तक बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है। दूसरी ओर, प्रभावित धार्मिक स्थलों को लेकर स्थानीय स्तर पर बातचीत और सहमति की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। फिलहाल पांच मस्जिदों के प्रभावित हिस्सों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जबकि एक मस्जिद का मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। आगे की कार्रवाई प्रशासनिक और कानूनी निर्णयों के आधार पर तय होगी।