देश में धार्मिक कथाओं और आध्यात्मिक प्रवचनों को सुनने का चलन लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि कई कथावाचकों के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। कथा का असर अब सिर्फ पंडाल तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म के जरिए उनके प्रवचन देश-विदेश में बैठे लाखों लोगों तक पहुंचते हैं। कथावाचकों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उनकी फीस को लेकर भी लोगों में काफी दिलचस्पी रहती है। हालांकि, इन कथावाचकों की वास्तविक फीस की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी एक कथा के लिए अलग-अलग रकम का दावा किया जाता रहा है। इन्हीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोकप्रिय कथावाचकों की फीस लाखों रुपये तक बताई जाती है।
अनिरुद्धाचार्य
लोकप्रिय कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की लोकप्रियता बीते कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ी है। उनकी कथाओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक प्रवचनों के साथ सवाल-जवाब करने की उनकी शैली भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहती है। उनके कार्यक्रमों के वीडियो इंटरनेट पर बड़ी संख्या में देखे जाते हैं और भारत के बाहर भी उनके अनुयायी मौजूद हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी एक कथा के लिए 15 से 18 लाख रुपये तक की फीस बताए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, यह भी रिपोर्ट्स पर आधारित अनुमान है और इसे आधिकारिक शुल्क नहीं माना जा सकता।
देवकीनंदन ठाकुर
कथा और आध्यात्मिक प्रवचन के क्षेत्र में देवकीनंदन ठाकुर भी प्रमुख नामों में शामिल हैं। श्रीमद्भागवत कथा और धार्मिक प्रसंगों पर उनके प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रमों में पहुंचते हैं। उनके जीवन और आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी कई बातें अक्सर चर्चा में रहती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी एक कथा की फीस करीब 12 से 15 लाख रुपये के बीच बताई जाती है।
जया किशोरी
आध्यात्मिक वक्ता और भजन गायिका जया किशोरी आज देशभर में जाना-पहचाना नाम हैं। उनकी बोलने की सहज शैली और धार्मिक विषयों को सरल भाषा में समझाने का तरीका लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि वह अब तक सैकड़ों कथाएं कर चुकी हैं। उनकी एक कथा के लिए करीब 10 लाख रुपये तक की फीस बताए जाने की जानकारी सामने आती रही है। हालांकि, यह आंकड़ा आधिकारिक तौर पर उनके द्वारा घोषित शुल्क नहीं है।
फीस से ज्यादा चर्चा लोकप्रियता की
इन कथावाचकों की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और ऑनलाइन भी उनके प्रवचन खूब देखे जाते हैं। हालांकि, कथा की फीस को लेकर सामने आने वाले आंकड़े अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। इसलिए इन रकमों को निश्चित या आधिकारिक फीस के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।