CM ACTION ON DSP--मध्य प्रदेश के कटनी में DSP नेहा पच्चीसिया से जुड़े जमीन सौदे के मामले में सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। नेहा पच्चीसिया के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद CSP नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया। उन पर पद के कथित दुरुपयोग और दबाव बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
1.07 करोड़ की जमीन 18 लाख में कराने का आरोप
मामला कटनी के कन्हवारा गांव की 2.15 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता आकाश लोधी ने आरोप लगाया कि जमीन का सौदा करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपये में तय हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपये में कराई गई। आरोप के मुताबिक 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि बाकी रकम का भुगतान नहीं किया गया। सरकारी गाइडलाइन में इस जमीन की कीमत 82,86,930 रुपये बताई गई है।
हत्या के मामले में दबाव बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके पिता रमेश लोधी हत्या के एक मामले में गिरफ्तार हुए थे। इसी दौरान परिवार पर जमीन बेचने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत में दावा किया गया कि रमेश लोधी को दो दिन तक CSP के घर में भी बैठाकर रखा गया। इसके बाद कथित दबाव के बीच कन्हवारा की जमीन की रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम करा दी गई। इन आरोपों की जांच पुलिस और संबंधित अधिकारियों की ओर से की जा रही है।
DSP समेत तीन लोगों पर FIR
मामले में कुठला थाने में DSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अन्य आरोपियों में क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी शामिल हैं। शिकायत में क्षितिज राज को नेहा पच्चीसिया का करीबी बताया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी, दबाव बनाने और आपराधिक सांठगांठ से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पैसे के लेन-देन को लेकर भी उठे सवाल
जांच में जमीन के भुगतान से जुड़े लेन-देन को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। शिकायत के अनुसार जमीन खरीदने वाले मारूफ अहमद हनफी ने रमेश लोधी को 15 लाख रुपये का चेक दिया था। आरोप है कि यह रकम हनफी के खाते में क्षितिज राज के खाते से ट्रांसफर हुई थी। इसी लेन-देन को आधार बनाकर शिकायतकर्ता ने जमीन सौदे में क्षितिज की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। अब पुलिस इस पूरे वित्तीय लेन-देन की भी जांच करेगी।
शिकायत के बाद जांच ने पकड़ा जोर
जब कथित तौर पर बाकी रकम का भुगतान नहीं हुआ तो रमेश लोधी की ओर से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की गई। इसके बाद शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। मामले की जांच जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कटनी पुलिस अधीक्षक को वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके बाद कुठला थाने में FIR दर्ज हुई।
CM मोहन यादव का सख्त एक्शन
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को पूरे मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद CSP नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री की ओर से साफ किया गया कि लापरवाही और पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
एयर होस्टेस से बनीं पुलिस अधिकारी
नेहा पच्चीसिया पहले एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम कर चुकी हैं। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की तैयारी की और परीक्षा पास करने के बाद पुलिस अधिकारी बनीं। अब जमीन सौदे से जुड़े आरोपों के मामले में FIR और निलंबन के बाद उनकी भूमिका जांच के दायरे में है। फिलहाल पूरे मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही आरोपों की वास्तविकता और अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी।