Keemo Paul Story : वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज ऑलराउंडर कीमो पॉल भारत के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में छा गए। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में उन्होंने 4 ओवर में 41 रन देकर 5 विकेट झटके। उनकी शानदार गेंदबाजी के दम पर वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया और पांच मैचों की सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली। मैदान पर विरोधी बल्लेबाजों को परेशान करने वाले कीमो पॉल की जिंदगी की कहानी भी संघर्ष से भरी रही है। मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने क्रिकेटर बनने का सपना नहीं छोड़ा।
बचपन में बिजली और साफ पानी की कमी
कीमो पॉल का जन्म गुयाना के सक्साकाली गांव में हुआ था। यह गांव एस्सेकिबो नदी के किनारे बसा है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझता था। एक समय उनके घर में बिजली और पीने के साफ पानी की सुविधा तक नहीं थी। परिवार एक छोटे से कमरे में रहता था। उनके पिता खेती करने के साथ नदी में मछलियां पकड़कर परिवार का खर्च चलाते थे। ऐसे माहौल में बड़े हुए कीमो के लिए क्रिकेट में आगे बढ़ना आसान नहीं था।
बहन की मौत ने दिया गहरा दर्द
कीमो पॉल की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया, जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। जब वह स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे, तभी उनकी बहन का निधन हो गया। इस दुख को सहना उनके लिए बेहद मुश्किल था। हालांकि, उन्होंने अपने क्रिकेटर बनने के सपने को टूटने नहीं दिया। परिवार की आर्थिक परेशानियों और निजी दुख के बावजूद वह लगातार खेल में आगे बढ़ते रहे। उनका सफर बताता है कि मुश्किल परिस्थितियों के बीच भी अपने लक्ष्य के लिए मेहनत जारी रखना कितना अहम होता है।
घरेलू क्रिकेट से शुरू हुआ सफर
कीमो पॉल ने 16 जनवरी 2015 को रीजनल सुपर50 टूर्नामेंट में लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद 18 मार्च 2017 को उन्होंने गुयाना की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा। उसी साल 5 अगस्त को गुयाना अमेजन वॉरियर्स के लिए कैरेबियन प्रीमियर लीग में टी20 डेब्यू किया। घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने आगे बढ़ने का रास्ता तैयार किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी गेंदबाजी से पहचान बनाई और वेस्टइंडीज की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने में कामयाब रहे।
2018 में मिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का मौका
मार्च 2018 में शेल्डन कॉटरेल के चोटिल होने के बाद कीमो पॉल को क्रिकेट विश्व कप क्वालिफायर के लिए वेस्टइंडीज टीम में शामिल किया गया। उन्होंने 15 मार्च 2018 को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद 1 अप्रैल 2018 को पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला मुकाबला खेला। वह वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट क्रिकेट भी खेल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना उनके लंबे संघर्ष और लगातार मेहनत का नतीजा रहा।
इसे भी पढ़ें : स्मृति मंधाना की कप्तानी में नई शुरुआत करेगी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे से पहला टी20 कब और कहां देखें लाइव?
पांच विकेट लेकर फिर चर्चा में आए
कीमो पॉल ने भारत के खिलाफ चौथे टी20 में पांच विकेट लेकर एक बार फिर अपनी गेंदबाजी की ताकत दिखाई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वह वेस्टइंडीज के लिए 3 टेस्ट में 6 विकेट, 33 वनडे में 36 विकेट और 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 31 विकेट ले चुके हैं। भारत के खिलाफ उनका प्रदर्शन ऐसे समय आया, जब वेस्टइंडीज को सीरीज में वापसी के लिए जीत की जरूरत थी। कभी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाले कीमो आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं।