ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह लेबर पार्टी के नेता का पद भी छोड़ेंगे। स्टार्मर तब तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे, जब तक लेबर पार्टी अपना नया नेता नहीं चुन लेती। यह फैसला ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। स्टार्मर ने कहा कि सत्ता का बदलाव शांतिपूर्ण और सही तरीके से होगा तथा वह नए प्रधानमंत्री को पूरा सहयोग देंगे।
पार्टी के भीतर बढ़ा दबाव
किएर स्टार्मर पर पिछले कई दिनों से अपनी ही पार्टी के सांसदों का दबाव बढ़ रहा था। लेबर पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर नाराजगी की खबरें सामने आ रही थीं। कई सांसदों को लग रहा था कि पार्टी को अगले चुनाव से पहले नया चेहरा चाहिए। स्थानीय चुनावों में खराब नतीजे, लोगों के बीच घटती लोकप्रियता और सरकार के कुछ फैसलों पर उठे सवालों ने दबाव और बढ़ा दिया। आखिरकार स्टार्मर ने पार्टी की राय को स्वीकार करते हुए पद छोड़ने का फैसला किया।
दो साल में बड़ा फैसला
स्टार्मर ने 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी। इसके साथ ही 14 साल बाद ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार बनी थी। लेकिन सरकार बनने के करीब दो साल के भीतर ही उनके सामने आर्थिक मुश्किलें, महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं और पार्टी के अंदर की खींचतान जैसे मुद्दे खड़े हो गए। उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ने का फैसला उन्हें पिछले दस साल में ऐसा करने वाले छठे ब्रिटिश प्रधानमंत्री की सूची में ले आया है।
कौन होगा अगला चेहरा
अब सबसे बड़ा सवाल है कि लेबर पार्टी का नया नेता कौन बनेगा। मैनचेस्टर के मेयर रहे एंडी बर्नहम को इस दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हाल ही में उनकी संसदीय जीत के बाद पार्टी के भीतर उनका कद और बढ़ा है। शबाना महमूद समेत कुछ दूसरे नामों की भी चर्चा है। लेबर पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी अब नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी। बताया जा रहा है कि संसद के सितंबर में लौटने से पहले नया नेता चुनने की कोशिश होगी।
बाजार ने दिखाई सावधानी
स्टार्मर के इस्तीफे की खबर के बाद ब्रिटेन के बाजारों में हल्की हलचल देखी गई। पाउंड डॉलर के मुकाबले थोड़ा नीचे आया, जबकि सरकारी बॉन्ड के रेट में ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं दिखा। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि नया प्रधानमंत्री कौन होगा और उसकी आर्थिक नीति कैसी रहेगी। ब्रिटेन पर कर्ज, धीमी आर्थिक रफ्तार और महंगे कर्ज का दबाव पहले से बना हुआ है। ऐसे में नया नेतृत्व देश की अर्थव्यवस्था को कैसे संभालेगा, यह बड़ा सवाल रहेगा।
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आगे क्या होगा
स्टार्मर का इस्तीफा केवल एक नेता के जाने की खबर नहीं है, बल्कि ब्रिटेन की राजनीति के लिए नया मोड़ है। लेबर पार्टी को अब ऐसा चेहरा चुनना होगा जो पार्टी के अंदर की नाराजगी कम करे और जनता का भरोसा भी वापस लाए। स्टार्मर ने कहा है कि वह नए नेता को पूरा समर्थन देंगे। लेकिन नए प्रधानमंत्री के सामने अर्थव्यवस्था, महंगाई, स्वास्थ्य सेवाएं और जनता की उम्मीदों जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। अब सबकी नजर लेबर पार्टी के अगले फैसले पर टिकी है।