Kejriwal moves Supreme Court: दिल्ली की कथित शराब नीति से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से मामले की सुनवाई किसी दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की है। केजरीवाल का कहना है कि मौजूदा बेंच के सामने उन्हें निष्पक्ष सुनवाई मिलने को लेकर संदेह है, इसलिए उन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
बेंच बदलने की मांग
दरअसल, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा हाल ही में बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है। इसी अपील पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच सुनवाई कर रही है। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि निष्पक्ष न्याय के हित में इस मामले को किसी अन्य बेंच को सौंपा जाना चाहिए।
चीफ जस्टिस ने ठुकराया
इससे पहले भी केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर बेंच बदलने की मांग की थी। हालांकि, इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया। अब यह मामला फिर से जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच के सामने सूचीबद्ध है और जल्द ही इस पर सुनवाई होने वाली है।
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पुराने आदेश को चुनौती
केजरीवाल ने हाई कोर्ट के 9 मार्च के उस आदेश को भी चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत की ओर से जांच अधिकारी पर की गई टिप्पणी पर रोक लगा दी गई थी। उनका कहना है कि यह फैसला बिना उनका पक्ष सुने लिया गया था, इसलिए इस आदेश की समीक्षा जरूरी है।
सीबीआई ने दी चुनौती
गौरतलब है कि 27 फरवरी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने जांच एजेंसी की चार्जशीट को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया था। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है, जिस पर अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।