प्रयागराज से एक 15 साल की दलित नाबालिग को बहला-फुसलाकर केरल के त्रिशूर ले जाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां कथित तौर पर उसे जबरन धर्मांतरण कराकर जिहादी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने की साजिश रची गई. हालांकि पीड़िता ने भागकर स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और सुरक्षित रूप से घर पहुँचाई गई. इस मामले में दो आरोपी दरकशा बानो और मोहम्मद कैफ को गिरफ्तार कर लिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
28 जून 2025 को प्रयागराज के फूलपुर में पीड़िता की मां गुड्डी देवी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर दिल्ली से केरल ले जाया गया है. आरोपी उसे पहले दिल्ली ले गए, फिर त्रिशूर पहुंचकर पीड़िता का धर्मांतरण कराया और उस पर जिहादी गतिविधियों में भागीदारी के लिए मानसिक दबाव बनाया गया.
आरोपी पर यौन उत्पीड़न का भी लगाया आरोप
पुलिस का कहना है कि कपटी ढंग से पैसे के लालच और भड़का देने वाली बातों से पीड़िता को प्रभावित किया गया और आरोपी मोहम्मद कैफ ने उसका यौन उत्पीड़न भी किया. लेकिन पीड़िता ने अमानवीय स्थिति से भागते हुए त्रिशूर रेलवे स्टेशन पहुँचकर स्थानीय पुलिस को घटना बताई, जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हुई.
आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
प्रयागराज पुलिस ने दोनों आरोपियों दरकशा बानो और मोहम्मद कैफ को गिरफ्तार किया है. डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत के अनुसार यह एक संगठित नेटवर्क है, जो दलित नाबालिगों को निशाना बनाता है. मामले में पाकिस्तान से कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. तीन टीमों को लगाया गया है ताकि अन्य संलिप्तों की पहचान की जा सके और पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो सके.