केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की ऐतिहासिक जीत के बाद वी.डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य में नई सरकार की शुरुआत कर दी। तिरुवनंतपुरम में आयोजित भव्य समारोह में पूरा मंत्रिमंडल एक साथ शपथ लेता नजर आया। कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी और विपक्षी नेताओं की भागीदारी ने इस आयोजन को राजनीतिक रूप से बेहद अहम बना दिया।
छह दशक बाद दिखा ऐतिहासिक पल
तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में वी.डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली। करीब छह दशक बाद ऐसा मौका आया जब मुख्यमंत्री के साथ पूरा कैबिनेट एक साथ शपथ लेता दिखाई दिया। समारोह में बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं।
राहुल-प्रियंका समेत कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी
नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मंच पर मौजूद रहे। इसके अलावा तीन राज्यों के मुख्यमंत्री और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कांग्रेस ने इस आयोजन के जरिए संगठनात्मक एकजुटता और मजबूत राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।
विपक्ष और सहयोगी दलों की भी रही मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर भी शामिल हुए। यूडीएफ की सहयोगी पार्टी आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता सैयद सादिकली शिहाब थंगल की मौजूदगी ने गठबंधन की मजबूती को दर्शाया। नई सरकार में आईयूएमएल को अहम जिम्मेदारी दी गई है और उसके पांच नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली।
मंत्रिमंडल में अनुभवी नेताओं को मिली जगह
वी.डी. सतीशन की कैबिनेट में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं को शामिल किया गया है। रमेश चेन्निथला ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद गृह विभाग संभालने की जानकारी दी। इसके अलावा के. मुरलीधरन, सनी जोसेफ, टी सिद्दीकी, पीसी विष्णुनाथ और रोजी एम जॉन समेत कई नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली। सरकार ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया है। महिलाओं और अनुसूचित जाति वर्ग को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
नई सरकार की प्राथमिकताओं पर नजर
नई सरकार ने चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का संकेत दिया है। महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं कांग्रेस नेता थिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष और शनिमोल उस्मान को उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। हालिया विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने 140 में से 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि वामपंथी गठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया।