
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादवपर तीखा हमला बोला है. उन्होंने अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को “परिवार डेवेलप्मेंट एजेंसी” करार दिया और कहा कि यह एक फर्जी और धोखा देने वाला नारा है. केशव मौर्य ने कहा कि2012 से 2017तक जब अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे, तब पिछड़ों और दलितों का सबसे ज्यादा शोषण हुआ.
‘2047 तक सपा का कोई भविष्य नहीं’
उन्होंने कहा कि उस समय की सपा सरकार को याद करके लोग आज भी डर जाते हैं, क्योंकि वह शासन गुंडों, माफियाओं और भ्रष्टाचारियों का था. उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 में जब जनता ने बीजेपी को सत्ता सौंपी, तब उसने यह तय कर लिया कि 2047 तक समाजवादी पार्टी का कोई भविष्य नहीं है.
#WATCH | लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "अखिलेश यादव का PDA यानी परिवार डेवेलप्मेंट एजेंसी पूरी तरह से फर्जी है। 2012 से 2017 तक वे स्वयं मुख्यमंत्री थे जहां उन्होंने पिछड़ों और दलितों का सबसे ज्यादा दमन किया था। उनकी सरकार के कार्यकाल को यदि याद… pic.twitter.com/rkyP16BqV5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 26, 2025
धार्मिक स्थलों पर राजनीति को लेकर चेतावनी
इसके अलावा, केशव मौर्य ने समाजवादी पार्टी द्वारा धार्मिक स्थलों पर बैठकें करने की कड़ी आलोचनाकी. उन्होंने कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्रबनाया जाए और वहां सपा सांसदों या नेताओं की बैठकें हों, तो यह उचित नहीं है. भाजपा ऐसे किसी भी क़दम का विरोध करती है. उन्होंने दोहराया कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना जरूरी हैऔर राजनीति को धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.