लखनऊ/श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पश्चिम बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' की तर्ज पर बन रही मस्जिद को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मस्जिद बनाने से किसी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विदेशी आक्रांता बाबर के नाम पर कोई इमारत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौर्य का यह बयान तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में मस्जिद की नींव रखने के बाद आया है, जिसने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। श्रावस्ती दौरे पर पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत में कहा, मस्जिद से नहीं, विदेशी आक्रांता से नफरत है। बाबर एक विदेशी आक्रांता था, जिसने भगवान राम के जन्मस्थान पर राम मंदिर तोड़कर एक ढांचा खड़ा किया था। वह ढांचा 6 दिसंबर 1992 को रामभक्तों ने ध्वस्त कर दिया। अब बाबर के नाम पर कोई इमारत बनाई जाएगी तो उसका सिर्फ विरोध नहीं होगा, उसका अंत हो जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि भारत की धरती पर विदेशी आक्रांता के नाम पर एक भी ईंट नहीं रखी जाएगी। मौर्य ने इसे रामभक्तों और राष्ट्रभक्तों का अपमान बताया। उपमुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राजद को हिंदू-विरोधी और राम-विरोधी करार देते हुए कहा कि ये दल भगवान राम और हिंदू समाज के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया और कहा कि जनता तृणमूल को उखाड़ फेंकेगी। मौर्य ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में हार के बाद अखिलेश का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वे मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में कुछ सीटें मिलने से वे उत्तर प्रदेश की सत्ता वापसी के भ्रम में हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर नई मस्जिद की नींव रखी। भाजपा ने इसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश बताया है।