पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब राजस्थान तक पहुंच गई है। जांच एजेंसियां उस मंदिर में सबूत तलाशने पहुंचीं, जहां मुख्य आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी के कथित गुप्त विवाह की बात सामने आई थी। पुलिस ने मंदिर परिसर के CCTV फुटेज और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की, लेकिन अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला है जो शादी के दावे की पुष्टि कर सके। हालांकि मामले की जांच कई अन्य पहलुओं पर जारी है।
राजस्थान के मंदिर में जुटाए गए सबूत, CCTV फुटेज की हुई जांच
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम राजस्थान पहुंची और उस मंदिर का निरीक्षण किया, जहां सिया गोयल और चेतन चौधरी के गुपचुप विवाह की बात सामने आई थी। जांच टीम ने मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग, उपलब्ध दस्तावेज और अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल की। शुरुआती जांच में ऐसा कोई वीडियो या रिकॉर्ड सामने नहीं आया जिससे दोनों के विवाह की पुष्टि हो सके।
चैट से मिला था शादी का सुराग
जांच के दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों के बीच हुई बातचीत के कुछ डिजिटल रिकॉर्ड मिले थे। इन्हीं चैट के आधार पर यह संकेत मिला कि दोनों ने पिछले वर्ष दिसंबर में राजस्थान के एक मंदिर में बिना सार्वजनिक जानकारी के विवाह किया था। इसी जानकारी की पुष्टि के लिए जांच टीम राजस्थान भेजी गई। हालांकि अब तक मिले तथ्यों से इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है।
हत्या की साजिश की टाइमलाइन जोड़ने में जुटी जांच एजेंसियां
पुलिस का कहना है कि राजस्थान दौरे का उद्देश्य केवल कथित शादी की पुष्टि करना नहीं था, बल्कि दोनों आरोपियों की गतिविधियों की पूरी समयरेखा तैयार करना भी था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी और क्या आरोपियों की कथित शादी का इस पूरे घटनाक्रम से कोई संबंध था।
डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी जांच
मामले की जांच में मोबाइल फोन, चैट, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल सबूत इस मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही विभिन्न राज्यों से जुटाई जा रही जानकारियों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं दोनों आरोपी
केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे महाराष्ट्र में व्यापक चर्चा बटोरी है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और हर संभावित साक्ष्य की जांच की जा रही है। यदि राजस्थान या किसी अन्य स्थान से कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उसे केस की विवेचना में शामिल किया जाएगा। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।