पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों को कई नए डिजिटल और तकनीकी संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है।
कॉल रिकॉर्ड से जुड़े आंकड़ों की जांच
जांच अधिकारियों के अनुसार संबंधित लोगों के बीच लंबे समय तक लगातार संपर्क में रहने के संकेत मिले हैं। पुलिस द्वारा कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है, जिसमें कई बार लंबी अवधि तक बातचीत होने की बात भी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और इसी के आधार पर घटनाओं के क्रम को समझने की कोशिश की जा रही है।
मोबाइल गतिविधियों पर भी एजेंसियों की नजर
जांच के दौरान मोबाइल फोन और इंटरनेट गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़े तथ्यों को तकनीकी टीमों की मदद से खंगाला जा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि घटना से पहले और बाद में किस प्रकार की जानकारी खोजी गई थी और उसका घटनाक्रम से कोई संबंध है या नहीं।
घटना वाले दिन की गतिविधियां भी जांच के दायरे में
अधिकारियों के अनुसार घटना से पहले हुई कुछ मुलाकातें और लोकेशन संबंधी जानकारियां भी जांच का हिस्सा हैं। संबंधित लोगों की गतिविधियों और आवाजाही को सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साधनों के जरिए जोड़ा जा रहा है। इससे यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि उस दिन घटनाएं किस क्रम में हुईं।
कारोबारी परिवार से जुड़े थे केतन
जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय केतन अग्रवाल अपने पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े हुए थे। परिवार में शादी की तैयारियां भी चल रही थीं और आने वाले महीनों में विवाह समारोह की योजना बनाई गई थी। परिजनों के अनुसार किसी को इस पूरे घटनाक्रम की आशंका नहीं थी।
जांच रिपोर्ट के बाद और स्पष्ट हो सकती है तस्वीर
फिलहाल मामले में कई पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य, तकनीकी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच एजेंसियां सभी उपलब्ध तथ्यों को जोड़कर पूरे मामले की सटीक तस्वीर सामने लाने का प्रयास कर रही हैं।