पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस की पड़ताल में कथित तौर पर प्रेम संबंध, शादी से बचने की कोशिश, करोड़ों रुपये का लेन-देन और भविष्य की योजनाओं से जुड़े कई पहलू सामने आए हैं। जांच एजेंसियां अब घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ते हुए यह समझने का प्रयास कर रही हैं कि हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार की गई।
सगाई से पहले उदयपुर ट्रिप जांच के दायरे में
जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी सगाई से कुछ समय पहले एक समूह के साथ उदयपुर गए थे। पुलिस अब इस यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, संपर्कों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस यात्रा से जुड़े तथ्य मामले की पृष्ठभूमि समझने में अहम साबित हो सकते हैं।
शादी नहीं करना चाहती थी सिया
पुलिस जांच के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार सिया कथित रूप से केतन से विवाह नहीं करना चाहती थी। जांचकर्ताओं का दावा है कि वह अपने भविष्य को लेकर अलग योजना बना रही थी। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इसी वजह से हत्या की साजिश तैयार की गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
शॉपिंग के नाम पर लिए गए 1 करोड़ रुपये
जांच में यह भी सामने आया है कि सिया ने कथित तौर पर शॉपिंग और अन्य जरूरतों का हवाला देकर केतन से लगभग 1 करोड़ रुपये लिए थे। पुलिस के अनुसार यह रकम बाद में चेतन तक पहुंची। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस धनराशि का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
तीन साल की कथित भविष्य योजना
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में एक ऐसी योजना का भी जिक्र सामने आया है जिसमें हत्या के बाद कुछ वर्षों तक इंतजार करने और फिर परिवार की सहमति से आगे बढ़ने की बात कही गई थी। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह दावा सही साबित होता है तो यह पूरे मामले की गंभीरता को और बढ़ा सकता है। फिलहाल पुलिस सभी बयानों और साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
लोहागढ़ किले में दोबारा जोड़ा गया घटनाक्रम
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम आरोपित सिया को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची, जहां कथित रूप से घटना हुई थी। वहां क्राइम सीन रिक्रिएट कर घटनाओं के क्रम को समझने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि घटना के समय कौन-कौन मौजूद था और घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा।