लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और अवैध धर्मांतरण के गंभीर आरोपों में मुख्य आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नायक (उर्फ रमीज मलिक) के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने कोर्ट में 800 से अधिक पेज की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह मामला 'लव जिहाद' से जुड़ा है, जिसमें डॉ. रमीज पर दो पीड़िताओं को फंसाने, ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप है।
चौक पुलिस ने चार्जशीट में दो पीड़िताओं के बयान, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट शामिल किए हैं। जांच के दौरान आरोपी के तीन लैपटॉप की फोरेंसिक जांच से करीब फोर टीबी (4000 जीबी) डेटा बरामद हुआ, जिसमें पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड शामिल है। इस डेटा में 500 से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले हैं, जो आरोपी के कथित काले कारनामों की ओर इशारा करते हैं। पुलिस ने इसे बड़े पैमाने पर ब्लैकमेल और धर्मांतरण रैकेट का हिस्सा माना है।
डॉक्टर के पिता ने की चार चार हिंदू महिलाओं से शादी
चार्जशीट में डॉ. रमीज समेत चार लोगों को नामजद किया गया है।इससे पहले पुलिस जांच में डॉ. रमीज के पिता सलीमुद्दीन की संलिप्तता भी सामने आई थी। सलीमुद्दीन ने चार अलग-अलग राज्यों में चार हिंदू महिलाओं से शादी की और उन्हें धर्मांतरण कराया। पुलिस का दावा है कि पिता ने बेटे को केजीएमयू में हिंदू महिलाओं को टारगेट करने के लिए प्रेरित किया।
यह मामला दिसंबर 2025 में सामने आया था, जब एक महिला डॉक्टर ने शादी के झांसे में फंसाने, यौन शोषण, निजी वीडियो से ब्लैकमेल और इस्लाम कबूल करने का दबाव देने की शिकायत की। आरोपी पर आईपीसी की धाराओं के साथ धारा 376 (दुष्कर्म), 506 (आपराधिक धमकी), 377 और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मुकदमा दर्ज है।
पुलिस ने आरोपी के फरार रहने के दौरान उसके मोबाइल और अन्य गैजेट्स भी बरामद किए, जिनसे कई संदिग्ध कनेक्शन उजागर हुए। यह केस अब बड़े रैकेट की जांच में तब्दील हो चुका है, जिसमें दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट से भी कुछ लिंक की बात सामने आई है। जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।