इस दीपावली पर मध्य प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने खजुराहो में सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरबेस बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। लगभग 1000 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाला यह एयरबेस न केवल भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करेगा, बल्कि प्रदेश के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। खजुराहो, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान रखता है, अब रक्षा क्षेत्र का भी एक अहम केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।
1000 एकड़ में बनेगा सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरबेस
इस प्रस्तावित एयरबेस का क्षेत्रफल करीब 1000 एकड़ होगा, जो मध्य भारत के मौजूदा एयरबेस से कई गुना बड़ा है। इसमें फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। यह एयरबेस ग्वालियर और जबलपुर जैसे मौजूदा ठिकानों को सपोर्ट करेगा और सेंट्रल कमांड की निगरानी क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा।
चरणबद्ध निर्माण और रणनीतिक महत्व
प्रस्ताव के अनुसार, पहले चरण में रनवे और हैंगर का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में रडार सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क और मेंटेनेंस यूनिट्स विकसित किए जाएंगे। एयरफोर्स ने पिछले महीने ही इस परियोजना का विस्तृत सर्वेक्षण पूरा किया है। खजुराहो की भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है, जिससे मध्य भारत और आसपास के राज्यों की सुरक्षा और निगरानी आसान होगी।
स्थानीय विकास और रोजगार के अवसर
एयरबेस निर्माण से स्थानीय किसानों को उचित मुआवजा और रोजगार के अवसर मिलेंगे। परियोजना के आसपास सड़क और बुनियादी ढांचे का विकास भी तेजी से होगा। साथ ही, खजुराहो के मौजूदा सिविल एयरपोर्ट (HJR) को इस नए एयरबेस के साथ एकीकृत करने की योजना है, जिससे पर्यटन और रक्षा उड़ानों का संतुलन बना रहेगा।
दीपावली के बाद मिल सकती है मंजूरी
रक्षा मंत्रालय में इस प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है और उम्मीद है कि दीपावली के बाद परियोजना को हरी झंडी मिल जाएगी। यह पहल मध्य प्रदेश को देश की रक्षा व्यवस्था में एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य के रूप में स्थापित करेगी।