खजुराहो में मंगलवार को आयोजित मोहन कैबिनेट की अहम बैठक में प्रदेश विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस विशेष बैठक का मुख्य फोकस बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे के विस्तार और रोजगार सृजन पर रहा। बैठक में लिए गए फैसलों से उम्मीद है कि आने वाले समय में खजुराहो और पूरे बुंदेलखंड में नई विकास परियोजनाओं की रफ्तार तेज होगी।
खजुराहो में कैबिनेट की विशेष बैठक
ऐतिहासिक और विश्वविख्यात खजुराहो में इस बैठक का आयोजन प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत मंत्रिमंडल राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकें कर स्थानीय जरूरतों को करीब से समझने की कोशिश कर रहा है। कैबिनेट के सभी प्रमुख सदस्य मौजूद रहे और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी समस्याओं व संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बुंदेलखंड विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी
बैठक में बुंदेलखंड में बिजली, पानी, सड़क और सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के लिए नए प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। सरकार का जोर इस क्षेत्र को कृषि और लघु उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने पर है। ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं के विस्तार और नई सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता सूची में रखा गया है।
पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की तैयारी
खजुराहो को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। नए पर्यटन सर्किट की रूपरेखा, एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने, होटल और होम-स्टे इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर सकारात्मक असर
कैबिनेट के फैसलों से माना जा रहा है कि खजुराहो और आसपास के क्षेत्रों में नई परियोजनाओं के चलते स्थानीय अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। पर्यटन, हस्तशिल्प, खेती और छोटे उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार ने विश्वास जताया कि इन प्रस्तावों के लागू होने से बुंदेलखंड क्षेत्र नई विकास गति प्राप्त करेगा।