कनाडा में खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़ी गतिविधियों पर फिर से शिकंजा कस गया है। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी सहयोगी और निज्जर का उत्तराधिकारी माने जाने वाला इंदरजीत सिंह गोसल ओटावा में हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। भारत पहले ही इंदरजीत को खालिस्तानी गतिविधियों और मंदिर हमले के आरोपों में चिन्हित कर चुका है। इस गिरफ्तारी को भारत-कनाडा रिश्तों और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
ओटावा में हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी
22 सितंबर को इंदरजीत गोसल को ओटावा पुलिस ने दो साथियों के साथ पकड़ा। उन पर बिना लाइसेंस हथियार रखने के कई आरोप लगे हैं। फिलहाल तीनों हिरासत में हैं और औपचारिक आरोप लगने के बाद उन्हें जेल भेजा जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भारत और कनाडा के बीच हालिया सुरक्षा सहयोग वार्ता के कुछ दिनों बाद हुई है।
भारत का पहले से अलर्ट
भारतीय एजेंसियों ने कनाडाई अधिकारियों को पहले ही इंदरजीत के वित्तीय लेन-देन और पन्नू से संबंधों के सबूत सौंपे थे। गोसल पन्नू का दाहिना हाथ माना जाता है और वह कई बार खालिस्तान जनमत संग्रह जैसे कार्यक्रमों का आयोजक रह चुका है। भारत सरकार पहले ही सिख्स फॉर जस्टिस को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुकी है।
निज्जर की मौत के बाद बढ़ा प्रभाव
जून 2023 में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद इंदरजीत गोसल की भूमिका और भी अहम हो गई थी। उसे खालिस्तानी गतिविधियों के लिए अगला बड़ा चेहरा माना जाने लगा। पिछले साल नवंबर में भी उसे कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर असर
इंदरजीत की गिरफ्तारी से भारत-कनाडा रिश्तों में नए मोड़ आने की संभावना है। यह कार्रवाई खालिस्तानी नेटवर्क पर दबाव बनाने और दोनों देशों के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।