
भारत और कनाडा के बीच धीरे-धीरे रिश्ते अच्छे होते जा रहे हैं। दोनों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर खालिस्तानियों पर शिकंजा कसता रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी की मुलाकात के बाद से कनाडा में तस्वीर बदल रही है। कनाडा और भारत के समकक्षों के बीच बैठकों का सिलसिला जारी है। हाल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और उनकी कनाडाई समकक्ष नथाली ड्रोइन के बीच एक उच्च-स्तरीय बैठक हो रही है। आपको बता दें कि कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन के रूप में लिस्ट किया है। उन्होंने कहा कि इस गिरोह ने भय और धमकी का माहौल पैदा किया।
खालिस्तानियों के मन में दहशत पैदा कर दी
भारत के लिए यह एक काफी बड़ा फैसला है। ये वही गिरोह हैं जो खालिस्तान समर्थक तत्वों से जुड़े हुए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) गैंगस्टर-आतंकवादी गठजोड़ केस में जारी जांच के दौरान खुलासा किया। यही गिरोह खालिस्तानियों के इशारे पर धन जुटा रहे हैं। हमले कर रहे हैं। इससे खालिस्तान आंदोलन को फायदा हो रहा है। एनआईए के इन घटनाक्रमों ने खालिस्तानियों के मन में दहशत पैदा कर दी है।
कनाडा को मिलकर काम करना होगा
जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि ये खालिस्तानी कट्टरपंथी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के मन में डर पैदा करने को लेकर ऐसी वारदातों को अंजाम देंगे। इसी गैंग ने कुछ समय पहले कनाडा में भारत के मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे पर हमला किया था। इसकी जिम्मेदारी बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) ने ली थी। भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में सुधार खालिस्तानियों को पसंद नहीं आ रहा है। पंजाब या अन्य पड़ोसी राज्यों में आतंकी हमले की कोशिशें की जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस खतरे को खत्म करने के लिए भारत और कनाडा को मिलकर काम करना होगा। जानकारी नियमित रूप से साझा होगी। निकट भविष्य में प्रत्यर्पण हो सके।