फैसल खान उर्फ खान सर और उनके दो अंगरक्षकों के लिए सोमवार को पटना की अदालत से राहत भरी खबर सामने आई। पटना सिविल कोर्ट में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका और जेल में बंद उनके दोनों अंगरक्षकों की जमानत पर फैसला सुनाया गया। जिला जज रूपेश देव की अदालत ने खान सर के साथ ही गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार दोनों अंगरक्षकों को जमानत दे दी। लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले से कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में खान सर को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है। अब इस पूरे मामले में आगे की जांच और अदालती कार्रवाई पर नजर रहेगी।
जज की गैरमौजूदगी के कारण टल गया था फैसला
खान सर की जमानत याचिका पर अदालत में पहले ही सुनवाई पूरी हो चुकी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पहले 10 जुलाई को आदेश आने की उम्मीद थी लेकिन जिला जज की अनुपस्थिति के कारण फैसला नहीं सुनाया जा सका। इसके बाद सुनवाई और आदेश के लिए 13 जुलाई की तारीख तय की गई थी। सोमवार को अदालत ने मामले पर फैसला सुनाते हुए खान सर को अग्रिम जमानत दे दी। वहीं बेऊर जेल में बंद उनके दोनों अंगरक्षकों की जमानत भी मंजूर कर ली गई है।
जून में कोचिंग संस्थान के बाहर शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला जून 2026 की शुरुआत का बताया जा रहा है। उस समय खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर रात में कथित हमले की खबर सामने आई थी। खान सर की ओर से दावा किया गया था कि कुछ लोगों ने उनके कोचिंग केंद्र पर हमला किया है। इसके बाद खान सर की टीम ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। धीरे-धीरे यह विवाद रौशन आनंद से भी जुड़ गया और पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच के बाद खान सर के दो अंगरक्षकों को गिरफ्तार किया गया और बाद में दोनों को जेल भेज दिया गया था।
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अंगरक्षकों के बयान के बाद बढ़ा था जांच का दायरा
पुलिस जांच के दौरान खान सर के दोनों अंगरक्षकों को लेकर कई गंभीर दावे सामने आए थे। जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार दोनों अंगरक्षकों ने कथित रूप से कहा था कि गोली चलाने की घटना खान सर के कहने पर हुई थी। हालांकि इन आरोपों की सच्चाई का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होना है। घटना से जुड़े कई वीडियो और दूसरे साक्ष्य सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया था। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अंगरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया। इसके बाद खान सर की कानूनी मुश्किलें भी बढ़ गई थीं।
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद मामले ने पकड़ा था जोर
कोचिंग विवाद में रौशन आनंद का नाम सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान रौशन आनंद को भी जेल जाना पड़ा। इसी बीच उनके जेल में रहने के दौरान उनके भाई की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई थी। इस घटना के बाद पूरे विवाद की चर्चा बिहार से बाहर भी होने लगी। सोशल मीडिया पर भी मामले से जुड़े कई वीडियो और दावे सामने आए। पुलिस ने उपलब्ध वीडियो और दूसरे साक्ष्यों की जांच करते हुए अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई। इसी दौरान खान सर की ओर से अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया गया था।
जमानत मिली लेकिन मामले की जांच अभी रहेगी जारी
पटना की अदालत के फैसले के बाद खान सर और उनके दोनों अंगरक्षकों को फिलहाल जमानत की राहत मिल गई है। हालांकि जमानत मिलने का मतलब आरोपों से पूरी तरह मुक्त होना नहीं है और मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। पुलिस जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होगी। खान सर के लिए यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कोचिंग विवाद और गोलीबारी से जुड़े मामले के बाद उनकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। अब अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद उन्हें तत्काल गिरफ्तारी की आशंका से राहत मिली है।