Dharmendra Pradhans Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे छात्रों के संघर्ष और सत्य की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि देशभर के युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई, जिसका असर अब दिखाई दिया है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और आंदोलन के दौरान बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
छात्रों के आंदोलन को बताया बड़ी जीत
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि देश के छात्रों की आवाज आखिरकार सत्ता तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों युवाओं की जीत है, जिन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया। खरगे के अनुसार यह सत्य की जीत और सरकार के रुख की हार है। उन्होंने उन परिवारों का भी जिक्र किया, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना किया।
पीएम से माफी और कार्रवाई की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष ने संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के मुद्दे को मजबूती से उठाया। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और अन्य बल प्रयोग कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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जयराम रमेश ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लगातार छात्र आंदोलन और विपक्ष के दबाव के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह उन युवाओं की जीत है, जो लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे थे। उनके अनुसार विपक्ष ने छात्रों के हितों की आवाज लगातार उठाई और उसी का परिणाम अब सामने आया है।
पेपर लीक पर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि शिक्षा मंत्री को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। उनका आरोप है कि सरकार ने लंबे समय तक नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक की बात स्वीकार नहीं की और केवल अनियमितताओं का उल्लेख करती रही। उन्होंने कहा कि जब मूल समस्या को स्वीकार करने से ही इनकार किया जाए, तब निष्पक्ष जांच और जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।