
Kharge statement: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश में कानून-व्यवस्था की ज्यादातर समस्याएं आरएसएस और बीजेपी से जुड़ी हैं। खरगे ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, लेकिन देश के हित में जरूरी कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ को सच में बदलने में माहिर हैं और सरदार पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप की रक्षा के लिए ही आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था।
नेहरू और पटेल के रिश्ते पर बोले खरगे
खरगे ने बीजेपी पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नेहरू और पटेल के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं था, बल्कि दोनों के बीच गहरा सम्मान था। खरगे ने कहा कि नेहरू ने ही गुजरात में पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया था और सरदार सरोवर बांध की नींव रखी थी। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी देश को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस आरएसएस से नफरत करती है
खरगे के बयान पर बीजेपी ने कड़ा जवाब दिया। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस आरएसएस पर झूठ फैलाकर देश को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 50 साल तक सरदार पटेल के योगदान को दबाने का काम किया और अब उनके नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस, आरएसएस जैसे राष्ट्रवादी संगठन पर हमला करती है, लेकिन पीएफआई और एसडीपीआई जैसे दंगाई संगठनों के साथ खड़ी रहती है।