
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा खाटूश्याम धाम अब और भी भव्य रूप लेने जा रहा है. केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत यहां एक विशाल कॉरिडोर (गलियारा) बनाया जाएगा, जिससे यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी. इस परियोजना पर लगभग 87.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
परियोजना का उद्देश्य क्या है?
सरकार की इस योजना का मकसद खाटूधाम को देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल करना है. इस कॉरिडोर से ना केवल मंदिर का सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि भक्तों को दर्शन के दौरान जो असुविधाएं होती हैं, वो भी काफी हद तक कम हो जाएंगी.
किसके द्वारा होगा निर्माण?
यह विकास कार्य पर्यटन विभाग और राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (RSRDC) मिलकर कर रहे हैं. टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सरकार से अनुमति मिलने के बाद जल्द ही काम शुरू हो जाएगा. परियोजना को जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
कॉरिडोर की 10 प्रमुख विशेषताएं:
1. डिजिटल म्यूज़ियम
लगभग 11.51 करोड़ रुपए की लागत से एक अत्याधुनिक डिजिटल म्यूज़ियम बनाया जाएगा, जिसमें बाबा खाटूश्याम से जुड़ी कहानियों को आधुनिक तकनीक से दिखाया जाएगा.
2. वेटिंग हॉल और शेड्स
दर्शन के इंतजार में बैठने के लिए सुविधाजनक हॉल और छायादार स्थान बनाए जाएंगे.
3. फूड कोर्ट और कैफेटेरिया
श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुलभ भोजन मिले, इसके लिए खाने-पीने के लिए विशेष क्षेत्र बनाए जाएंगे.
4. शौचालय और पेयजल स्टेशन
साफ-सुथरे टॉयलेट और पीने के पानी की व्यवस्था हर जगह होगी.
5. मुख्य प्रवेश द्वार
मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार को और अधिक सुंदर और भव्य रूप दिया जाएगा.
6. ओपन एयर थिएटर
जहां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा सकें.
7. लाइट एंड साउंड शो
रात के समय श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक प्रस्तुतियां दिखाई जाएंगी.
8. डिजिटल और सामान्य साइनबोर्ड
जिससे भक्तों को मंदिर तक पहुंचने में आसानी होगी.
9. बड़े पार्किंग एरिया
27.42 हेक्टेयर जमीन पर दो विशाल पार्किंग ग्राउंड बनाए जाएंगे ताकि गाड़ियों की पार्किंग में कोई दिक्कत न हो.
10. डंपिंग यार्ड और साफ-सफाई व्यवस्था
स्वच्छता बनाए रखने के लिए समर्पित डंपिंग यार्ड की व्यवस्था की जाएगी.
श्रद्धालुओं को क्या होगा फायदा?
इस परियोजना से खाटू आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भीड़, धूप, लाइन और खाने-पीने की असुविधाओं से राहत मिलेगी. दर्शन करना आसान होगा और यात्रा अधिक सुगम व यादगार बन जाएगी. सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी देगी. खाटूश्याम के भक्तों के लिए यह एक बेहद खुशी की खबर है.