Khatushyamji Mela: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूधाम में बाबा श्याम का दो दिवसीय मासिक मेला शुरू हो गया है। सावन की पुत्रदा एकादशी और रविवार के संयोग के चलते इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर दर्शन व्यवस्था तक कई इंतजाम किए हैं। मेले के पहले दिन बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार किया गया। श्रृंगार आरती के दौरान कोलकाता और बेंगलुरु से मंगाए गए खास फूलों के साथ ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल किया गया। फूलों से सजे बाबा श्याम का स्वरूप भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
गर्मी को देखते हुए किए गए खास इंतजाम
अगस्त में गर्मी और उमस को देखते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा समय-समय पर गुलाब जल का छिड़काव भी किया जा रहा है, ताकि दर्शन के लिए कतार में खड़े भक्तों को परेशानी कम हो। मासिक मेले के कारण मंदिर के कपाट सामान्य दिनों की तरह दोपहर और रात में बंद नहीं किए जाएंगे। भक्तों को लगातार दर्शन की सुविधा देने के लिए मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। हालांकि बाबा श्याम के श्रृंगार के दौरान कुछ समय के लिए दर्शन रोके जाएंगे।
रींगस से खाटूधाम तक बढ़ी भक्तों की भीड़
पुत्रदा एकादशी के अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु रींगस से पैदल यात्रा करते हुए खाटूधाम पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहा है, भक्तों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। मंदिर समिति के मुताबिक एकादशी और द्वादशी के मौके पर होने वाले इस मासिक मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मेले का समापन कल यानी द्वादशी के दिन बाबा श्याम की शयन आरती के बाद होगा।
सुरक्षा के लिए 650 से ज्यादा जवान तैनात
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। डीएसपी राजेश कुमार जांगिड़ और थाना प्रभारी इन्द्राज मरोडिया के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही है। मेले में 650 से अधिक पुलिसकर्मी, होमगार्ड, आरएसी जवान और मंदिर के सेवादार ड्यूटी पर लगाए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। पूरे क्षेत्र पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है। कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके।
एकादशी पर क्यों खास माने जाते हैं बाबा श्याम के दर्शन?
श्याम भक्तों के बीच एकादशी का दिन विशेष आस्था से जुड़ा माना जाता है। खाटूधाम में एकादशी और द्वादशी पर होने वाले मासिक मेले के दौरान बाबा श्याम की विशेष पूजा और श्रृंगार किया जाता है। भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं के लिए बाबा से प्रार्थना करते हैं।
कौन हैं बाबा श्याम?
धार्मिक मान्यता के अनुसार बाबा श्याम का संबंध महाभारत काल के वीर बर्बरीक से माना जाता है। बर्बरीक को भीम का पौत्र बताया जाता है। मान्यता है कि महाभारत युद्ध से पहले बर्बरीक युद्ध में शामिल होने के लिए तैयार थे। उनके पास ऐसी शक्ति थी कि वे युद्ध का परिणाम पलट सकते थे। कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का रूप धारण कर बर्बरीक से उनके शीश का दान मांगा। बर्बरीक ने बिना किसी संकोच के अपना शीश दान कर दिया। उनकी भक्ति और त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वर दिया कि कलियुग में उनकी पूजा श्याम नाम से होगी और वे अपने भक्तों के लिए सहारा बनेंगे। इसी धार्मिक मान्यता के कारण बाबा श्याम को भक्त प्रेम से ‘हारे का सहारा’ कहते हैं।