भारत के हर कोने में कोई न कोई खास मिठाई जरूर मिलती है, जो न सिर्फ वहां के स्वाद की पहचान बनती है, बल्कि वहां की संस्कृति से भी जुड़ी होती है। आपने आगरा का पेठा, बिहार का पेड़ा और बनारस की मलइयो जरूर चखी होगी, लेकिन मध्य प्रदेश की ‘खुरचन’ का स्वाद एक बार जीभ पर चढ़ जाए तो भूलना मुश्किल है। ये मिठाई आम मिठाइयों जैसी नहीं होती—ना तो इसमें कोई भारी सजावट होती है, ना ही रंग-बिरंगे फ्लेवर। ये बस मलाई और दूध की खालिस मिठास से तैयार की जाती है। खुरचन का नाम जितना देसी और अनोखा है, इसका स्वाद उतना ही शाही और मखमली होता है। सतना, नागौद और रामपुर जैसे शहरों में इसकी महक दूर से ही पहचान ली जाती है।
MP के सतना की शान है खुरचन
खुरचन एक ऐसी मिठाई है जो दूध को उबाल-उबाल कर, उसमें जमी मलाई की परतों को बार-बार खुरच कर तैयार की जाती है। सतना शहर की गलियों में मंदिरों के पास, खासकर मां शारदा मंदिर के आसपास, खुरचन के ठेले और टपरियां आपको खूब मिल जाएंगी। दूध से बनी यह परतदार मिठाई इतनी मुलायम होती है जैसे मख्खन जीभ पर रख दिया हो।
नागौद और रामपुर की खुरचन में फर्क
खास बात ये है कि खुरचन की भी अपनी-अपनी स्टाइल है। नागौद में बनने वाली खुरचन में चीनी नहीं डाली जाती, जिससे यह हेल्थ कॉन्शस लोगों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है। वहीं रामपुर की खुरचन में ऊपर से पाउडर शुगर छिड़क दी जाती है, जो इसके स्वाद को एक नया टच देती है।
घर पर भी बना सकते हैं खुरचन
अगर आप खुरचन का स्वाद घर पर लेना चाहते हैं तो यह बेहद आसान है। बस आपको चाहिए 2 लीटर दूध, पिसी चीनी और इलायची पाउडर। दूध को अलग-अलग बर्तनों में धीरे-धीरे पकाना है और मलाई की परत जमते ही उसे खुरच कर एक ट्रे में इकट्ठा करना है। हर परत पर पिसी चीनी और इलायची छिड़कते जाएं। करीब 10-12 परतें बनते ही आपकी खुरचन तैयार हो जाएगी।
MP की मिठास, अब देश-विदेश में चर्चित
आज खुरचन की खुशबू सिर्फ सतना ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों और विदेशों तक पहुंच चुकी है। इसे खाने वाले न सिर्फ इसका स्वाद सराहते हैं, बल्कि इसकी सादगी और शुद्धता के भी कायल हो जाते हैं।