King Of Fruits: गर्मियां शुरू होते ही जिस फल का सबसे ज़्यादा इंतज़ार रहता है, वो है रसीला और स्वादिष्ट आम। बाजारों में जैसे ही इसकी आवक शुरू होती है, हर कोई अपनी पसंद की वैरायटी की तलाश में लग जाता है। आम न सिर्फ स्वाद का राजा है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश, जिसे भारत का दिल कहा जाता है, आमों का भी खजाना है? खासकर रीवा जिला, जहां अकेले 200 से ज्यादा किस्मों के आम उगाए जाते हैं।
1500 तरह के आम
यह आंकड़ा अपने आप में चौंकाने वाला है, क्योंकि पूरे भारत में जहां करीब 1500 तरह के आम मिलते हैं, वहां अकेले रीवा का इतना योगदान इस राज्य को आमों के नक्शे पर खास बना देता है। और सबसे बड़ी बात यह है कि यहां एक ऐसी किस्म भी मिलती है जो डायबिटीज पेशेंट्स के लिए भी सुरक्षित मानी जाती है। यानी स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ख्याल। तो अगर आप आम प्रेमी हैं, तो इस बार गर्मियों में एमपी के आम जरूर चखें — हर बाइट में मिलेगा देसी स्वाद और सेहत का संगम।
रीवा: आमों की राजधानी
रीवा ज़िला आम प्रेमियों के लिए किसी खजाने से कम नहीं। यहां ऐसी-ऐसी किस्में मिलती हैं जो देश के किसी और हिस्से में मुश्किल से ही देखने को मिलें। यही कारण है कि रीवा को आमों की राजधानी कहा जाने लगा है।
डायबिटीज मरीजों के लिए भी खास
रीवा में उगने वाला सुंदरजा आम एक हेल्दी ऑप्शन है। ये आम डायबिटीज रोगियों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और स्वाद में भी कोई समझौता नहीं।
नूरजहां: आमों की शाही रानी
मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में उगने वाला नूरजहां आम अपने बड़े आकार, शानदार स्वाद और खुशबू के लिए जाना जाता है। इसे आमों की रानी भी कहा जाता है, और इसकी मांग देशभर में बनी रहती है।
दशहरी: देशभर में फेमस
एमपी में मिलने वाला दशहरी आम सिर्फ स्थानीय लोगों का नहीं, पूरे भारत का फेवरेट है। इसकी मिठास और सुगंध इसे हर किसी का मनपसंद बना देती है।
हर टेस्ट के लिए एक वैरायटी
एमपी में आम की इतनी विविधता है कि हर स्वाद के लिए एक खास किस्म मौजूद है—चौसा, लंगड़ा, आम्रपाली, मल्ल