मुंबई की बदलती जनसंख्या को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मुद्दा सामने आया है। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने शहर में धार्मिक आधार पर बच्चों के जन्म से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए चिंता जताई है। उन्होंने इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर एक विशेष समिति बनाने की मांग की है। सोमैया का कहना है कि मुंबई की जनसांख्यिकी में हो रहे बदलावों पर गंभीरता से नजर रखने और उनका अध्ययन करने की जरूरत है। दरअसल, किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने बीते पांच वर्षों के दौरान मुंबई में जन्मे बच्चों के आंकड़े साझा किए हैं। उनके मुताबिक, इस अवधि में शहर में 3,36,525 हिंदू बच्चों ने जन्म लिया, जबकि मुस्लिम बच्चों की संख्या 2,20,754 दर्ज की गई।
सोमैया ने इन आंकड़ों की तुलना करते हुए कहा कि हर तीन हिंदू बच्चों के जन्म पर दो मुस्लिम बच्चों का जन्म हुआ है। उन्होंने इसे मुंबई की बदलती जनसांख्यिकी से जोड़ते हुए अपनी चिंता जाहिर की है।
CM फडणवीस को चिट्ठी लिखकर क्या मांग की?
इस मुद्दे को लेकर बीजेपी नेता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने मुंबई में जनसंख्या के बदलते स्वरूप का अध्ययन करने के लिए 'डेमोग्राफी संतुलन समिति' गठित करने का सुझाव दिया है। सोमैया के मुताबिक, इस समिति के जरिए शहर में जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों की नियमित समीक्षा की जा सकेगी। साथ ही, अलग-अलग समुदायों की आबादी में हो रहे बदलाव और उसके पीछे की वजहों को समझने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने सरकार से इस दिशा में जरूरी कदम उठाने की अपील की है।
'मुस्लिम मुंबई' को लेकर जताई चिंता
किरीट सोमैया ने अपने बयान में मुंबई की पहचान को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि शहर का जनसांख्यिकीय संतुलन बदलने से उसकी पहचान पर असर पड़ सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने मुंबई को 'मुस्लिम मुंबई' बनने से बचाने की बात कही है। उनके इस बयान और समिति बनाने की मांग के बाद मुंबई में जनसंख्या के आंकड़ों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस या महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर किसी आधिकारिक फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है।