टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर पूरे देश को खुश कर दिया। अहमदाबाद से लेकर देश के हर शहर में इस जीत का जश्न मनाया गया। लेकिन इसी खुशी के माहौल के बीच एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और नेता कीर्ति आजाद के एक बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। उन्होंने टीम इंडिया के मंदिर जाने को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद क्रिकेट जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
मंदिर दर्शन को लेकर उठाया सवाल
दरअसल वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर, कप्तान सूर्यकुमार यादव और कुछ अधिकारी ट्रॉफी के साथ अहमदाबाद के एक हनुमान मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। इसी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह ट्रॉफी पूरे देश की है। उनका कहना था कि इसे किसी एक धर्म से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि ट्रॉफी को अन्य धार्मिक स्थलों पर क्यों नहीं ले जाया गया।
ईशान किशन ने जताई नाराजगी
इस बयान के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ी भी सवालों के घेरे में आ गए। जब ईशान किशन से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। ईशान ने कहा कि टीम ने देश के लिए इतना बड़ा टूर्नामेंट जीता है और ऐसे समय में इस तरह के सवाल पूछना ठीक नहीं है। उनका कहना था कि खिलाड़ियों की मेहनत और जीत की बात होनी चाहिए, विवाद पैदा करने वाली बातों की नहीं।
सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस
ईशान किशन का यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया और कहा कि खिलाड़ियों का ध्यान सिर्फ खेल और देश के लिए जीत पर होना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने कीर्ति आजाद के बयान पर भी अलग राय रखी। देखते ही देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया पर बड़ी बहस का विषय बन गया।
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गौतम गंभीर ने भी दिया जवाब
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देना ठीक नहीं है, खासकर तब जब टीम ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया हो। गंभीर का कहना था कि खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट जीतने के लिए काफी मेहनत और दबाव का सामना किया है, इसलिए उनकी उपलब्धि पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
हरभजन सिंह ने भी जताई नाराजगी
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने भी इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की जीत को राजनीतिक या धार्मिक विवाद से जोड़ना सही नहीं है। भज्जी का कहना था कि खिलाड़ी मैदान पर देश के लिए खेलते हैं और उनकी मेहनत का सम्मान होना चाहिए। फिलहाल यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है और देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं या नहीं।