आईपीएल 2026 ऑक्शन के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स अचानक विवादों के घेरे में आ गई है। केकेआर ने बांग्लादेश के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्तफिज़ुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा, लेकिन यह फैसला सोशल मीडिया पर कई लोगों को रास नहीं आया। फैंस और कुछ संगठनों ने केकेआर से मुस्तफिज़ुर को टीम से हटाने तक की मांग शुरू कर दी। वजह सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश के मौजूदा तनावपूर्ण रिश्ते बताए जा रहे हैं, जिसने इस फैसले को और संवेदनशील बना दिया है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
मुस्तफिज़ुर की खरीद के बाद सोशल मीडिया पर केकेआर और बीसीसीआई दोनों को निशाने पर लिया जा रहा है। कई पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जब बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल बढ़ रहा है, ऐसे समय में बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में लेना गलत संदेश देता है। कुछ यूजर्स ने केकेआर के बहिष्कार तक की बात कही है, तो कुछ ने सवाल उठाया कि बीसीसीआई ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को ऑक्शन में शामिल होने की अनुमति क्यों दी। इस साल मुस्तफिज़ुर अकेले ऐसे बांग्लादेशी खिलाड़ी रहे जिन्हें किसी फ्रेंचाइज़ी ने खरीदा।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों की पृष्ठभूमि
भारत और बांग्लादेश के रिश्ते पिछले एक साल से लगातार तनाव में हैं। अगस्त 2025 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद वहां अंतरिम सरकार बनी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दूरी बढ़ी। इसी माहौल में भारत ने बांग्लादेश का व्हाइट-बॉल दौरा भी एक साल के लिए टाल दिया। आधिकारिक वजह शेड्यूल बताई गई, लेकिन जानकारों का मानना है कि बढ़ती भारत विरोधी भावना असली कारण है। हालिया घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
हिंसा की घटनाओं से भड़का गुस्सा
ढाका में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या और इसके बाद मयमनसिंह में हिंदू फैक्ट्री वर्कर दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग ने हालात को और बिगाड़ दिया। दीपू दास की मौत के बाद नई दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के सामने प्रदर्शन हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दास पर ईशनिंदा के आरोप लगाए गए थे, लेकिन जांच में इसका कोई सबूत नहीं मिला। इन्हीं घटनाओं के बीच मुस्तफिज़ुर की केकेआर में एंट्री को लेकर भावनाएं भड़क उठीं। अब सवाल यही है कि क्या क्रिकेट को राजनीति से अलग रखा जाएगा या यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराएगा।