बांग्लादेश के विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास ने आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ अपने छोटे और निराशाजनक सफर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पहली बार उन्होंने खुलकर बताया कि केकेआर में उन्हें वैसा भरोसा और समर्थन महसूस नहीं हुआ, जिसकी उम्मीद लेकर वह आईपीएल खेलने पहुंचे थे। लिटन ने यहां तक कह दिया कि उन्हें ऐसा लगा जैसे फ्रेंचाइजी को उनकी असल में जरूरत ही नहीं थी।
मैच से पहले आया चौंकाने वाला संदेश
लिटन दास ने बताया कि उनके साथ सबसे हैरान करने वाली बात यह हुई कि उन्हें अपने पहले मुकाबले से ठीक पहले रात 11 बजे अचानक मैसेज मिला। उस संदेश में बताया गया कि वह अगले दिन प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि आमतौर पर खिलाड़ियों को पहले ही बता दिया जाता है ताकि वे मानसिक रूप से तैयार रह सकें, लेकिन उनके साथ ऐसा नहीं हुआ।
टीम की बातचीत पर उठाए सवाल
बांग्लादेश क्रिकेट के एक पॉडकास्ट में बात करते हुए लिटन ने कहा कि लगातार दो मैच बाहर बैठने के बाद भी उन्हें किसी ने यह नहीं बताया कि कब मौका मिलेगा। उन्होंने साफ कहा कि टीम मैनेजमेंट की ओर से संवाद की कमी महसूस हुई। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर केकेआर मैनेजमेंट को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ऐसा रहा आईपीएल डेब्यू
लिटन दास ने 20 अप्रैल 2023 को दिल्ली के खिलाफ आईपीएल डेब्यू किया था। उन्होंने जेसन रॉय के साथ पारी की शुरुआत की लेकिन सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। विकेटकीपिंग में भी उनसे कुछ अहम गलतियां हुईं और केकेआर वह मुकाबला हार गई। इसके बाद उन्हें दोबारा खेलने का मौका नहीं मिला।
सिर्फ एक मैच में खत्म हुआ सफर
लिटन का आईपीएल करियर सिर्फ एक मैच तक सीमित रह गया। कुछ समय बाद पारिवारिक मेडिकल इमरजेंसी के कारण उन्हें बांग्लादेश लौटना पड़ा। इसके बाद टीम ने उनकी जगह दूसरे खिलाड़ी को शामिल कर लिया और उनका सफर वहीं समाप्त हो गया।
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अब फिर उठे बड़े सवाल
लिटन दास के इस बयान के बाद एक बार फिर आईपीएल टीमों में विदेशी खिलाड़ियों के साथ व्यवहार और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तैयार करने और उनके साथ बेहतर संवाद बनाए रखने को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।