आईपीएल 2026 में एक बार फिर अंपायरिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले में ओपनर फिन एलन के आउट होने के तरीके ने पूरे मैच को चर्चा में ला दिया। दूसरे ओवर में प्रिंस यादव की गेंद पर एलन ने शॉट खेला, जिसे बाउंड्री के पास दिग्वेश सिंह राठी ने कैच कर लिया, लेकिन असली विवाद इसके बाद शुरू हुआ।
रिप्ले में दिखा बड़ा संदेह
जब इस कैच का रिप्ले देखा गया, तो ऐसा लगा कि कैच लेते समय राठी का पैर बाउंड्री रोप को छू रहा था। नियमों के मुताबिक ऐसी स्थिति में कैच अमान्य होता है और बल्लेबाज को छह रन मिलने चाहिए। इसके बावजूद थर्ड अंपायर केएन अनंत पद्मनाभन ने एलन को आउट करार दे दिया। यही फैसला विवाद की जड़ बन गया और सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक इस पर बहस शुरू हो गई।
KKR कैंप में नाराजगी साफ
मैच के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ियों की नाराजगी खुलकर सामने आई। टीम के बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल ने अंपायरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि आईपीएल में इससे छोटे मामलों में भी लंबी जांच होती है, लेकिन इस बार उतनी बारीकी नहीं दिखाई गई। उन्होंने यह भी माना कि हार की वजह सिर्फ यही फैसला नहीं था, लेकिन इससे टीम की लय जरूर प्रभावित हुई।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
यह पहली बार नहीं है जब बाउंड्री कैच को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले फिल साल्ट द्वारा लिया गया हेनरिक क्लासेन का कैच भी सवालों में रहा था। लगातार ऐसे मामलों ने अंपायरिंग की निरंतरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह मुद्दा अब बड़ा बनता जा रहा है।
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मैच पर पड़ा सीधा असर
फिन एलन का जल्दी आउट होना KKR के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। टीम की आक्रामक शुरुआत की उम्मीदें वहीं खत्म हो गईं और बल्लेबाजी पर दबाव बढ़ गया। ऐसे हाईवोल्टेज मुकाबलों में एक फैसला भी मैच का रुख बदल सकता है और इस मैच में यही देखने को मिला।
अब उठ रहे बड़े सवाल
इस पूरे विवाद के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या थर्ड अंपायर के फैसलों में और ज्यादा पारदर्शिता की जरूरत है? क्या तकनीक के बावजूद ऐसे करीबी फैसले विवाद से बच नहीं पा रहे? आईपीएल जैसे बड़े मंच पर हर फैसला मायने रखता है, और जब एक फैसले से मैच की दिशा बदलती दिखे, तो बहस होना तय है।