भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में टीम इंडिया को शुरुआत में ही बड़ा झटका लग गया। युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल सिर्फ 24 रन बनाकर आउट हो गए। मुल्लानपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी कर रही थी और जल्दी विकेट गिरने के बाद दबाव बढ़ने लगा था। ऐसे समय में सबकी नजर केएल राहुल पर थी और उन्होंने उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए शानदार बल्लेबाजी की।
राहुल ने संभाली पारी
यशस्वी के आउट होने के बाद राहुल ने बेहद समझदारी से बल्लेबाजी की। उन्होंने शुरुआत में विकेट बचाने पर ध्यान दिया और फिर धीरे-धीरे रन बनाने की रफ्तार बढ़ाई। अफगानिस्तान के गेंदबाज लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन राहुल ने धैर्य नहीं खोया। तेज गेंदबाज हों या स्पिनर, राहुल ने हर चुनौती का जवाब अपने बल्ले से दिया। उनकी बल्लेबाजी में अनुभव साफ दिखाई दिया।
साई सुदर्शन के साथ बड़ी साझेदारी
राहुल को दूसरे छोर से साई सुदर्शन का भी अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर भारतीय पारी को संभाला और अफगानिस्तान को मैच में वापसी का मौका नहीं दिया। सुदर्शन भले ही अपने शतक से चूक गए लेकिन उनकी 81 रन की पारी भी टीम के लिए बेहद अहम रही। इस साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का काम किया।
165 गेंद में पूरा किया शतक
केएल राहुल ने 165 गेंदों में अपना शानदार शतक पूरा किया। यह उनके टेस्ट करियर का एक और यादगार शतक रहा। पूरी पारी के दौरान उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। राहुल के बल्ले से निकले कई खूबसूरत शॉट्स ने दर्शकों का दिल जीत लिया। लंबे समय बाद उन्हें इस तरह लय में देखकर टीम इंडिया के फैंस भी काफी खुश नजर आए।
शतक के बाद अगली ही गेंद पर आउट
राहुल के लिए सबसे दुखद पल तब आया जब शतक पूरा करने के तुरंत बाद वह आउट हो गए। उन्होंने जैसे ही 100 रन पूरे किए, अगली ही गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे। अफगानिस्तान के जियाउर रहमान ने उन्हें पवेलियन भेजा। इस तरह राहुल अपनी पारी को और बड़ा नहीं बना सके। हालांकि तब तक वह अपना काम कर चुके थे और टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।
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टीम इंडिया को मिला बड़ा भरोसा
इस शतक की सबसे बड़ी बात यह रही कि राहुल ने मुश्किल समय में जिम्मेदारी उठाई। नई टीम और कई सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में उनका अनुभव टीम के काम आया। मुल्लानपुर टेस्ट के पहले दिन राहुल की पारी ने साबित कर दिया कि जब टीम इंडिया दबाव में होती है तो वह अब भी भरोसेमंद बल्लेबाज की भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी उनकी इस पारी की खूब तारीफ हो रही है।