सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने एक बार फिर दिखा दिया कि जब उनका बल्ला चलता है तो बड़े से बड़ा गेंदबाज भी मुश्किल में पड़ सकता है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ क्लासेन ने सिर्फ 24 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 5 छक्के और 2 चौके लगाए। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनकी उस बल्लेबाजी की रही जिसने जॉश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाज की पूरी लय बिगाड़ दी।
एक ओवर में पलटी कहानी
मैच का 13वां ओवर पूरी तरह क्लासेन के नाम रहा। इस ओवर में हेजलवुड गेंदबाजी करने आए लेकिन क्लासेन ने उन्हें बिल्कुल भी संभलने का मौका नहीं दिया। शुरुआत छक्के से हुई और फिर लगातार बड़े शॉट्स ने दबाव बढ़ा दिया। बीच में दो वाइड गेंदें भी आईं और पूरा ओवर 9 गेंदों तक पहुंच गया। इस ओवर में कुल 27 रन बने और मुकाबले की दिशा पूरी तरह बदल गई। एक ही ओवर ने आरसीबी की रणनीति को हिला दिया।
हेजलवुड से हुई बड़ी गलती
कहानी सिर्फ गेंदबाजी तक नहीं रुकी। बाद के ओवरों में जॉश हेजलवुड से मैदान पर कुछ बड़ी गलतियां भी हुईं। उन्होंने ईशान किशन का आसान कैच छोड़ दिया। इसके तुरंत बाद रन आउट का मौका भी गंवा दिया। एक तरफ बल्लेबाज लगातार रन बना रहे थे और दूसरी तरफ छोटी गलतियां आरसीबी पर भारी पड़ती गईं। आखिर में हेजलवुड ने अपने 4 ओवर में 55 रन खर्च कर दिए।
दूसरे गेंदबाज भी रहे परेशान
आरसीबी के लिए सिर्फ हेजलवुड ही नहीं बल्कि बाकी गेंदबाज भी संघर्ष करते नजर आए। भुवनेश्वर कुमार ने 4 ओवर में 51 रन दिए। रसिख सलाम डार ने विकेट जरूर लिए लेकिन 52 रन भी खर्च कर दिए। सुयश और शेफर्ड भी रन रोकने में सफल नहीं रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि हैदराबाद ने 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
क्लासेन का सीजन शानदार
हेनरिक क्लासेन का यह आईपीएल सीजन लगातार शानदार रहा है। इस सीजन उन्होंने 14 मैचों में 600 से ज्यादा रन बनाए हैं और कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। उनके बल्ले से लगातार बड़े शॉट निकल रहे हैं। यही वजह है कि वह हैदराबाद की बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी बन चुके हैं और विरोधी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
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हैदराबाद की ताकत बढ़ी
इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखा दिया कि सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी कितनी खतरनाक हो सकती है। टीम के बल्लेबाज लगातार बड़े स्कोर बना रहे हैं और विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बना रहे हैं। अगर यही लय आगे भी जारी रही तो आने वाले मुकाबलों में यह टीम किसी भी विरोधी के लिए सबसे मुश्किल चुनौती साबित हो सकती है।