
Ayushi Dabas Success Story: महानायक अमिताभ बच्चन के क्विज गेम शो कौन बनेगा करोड़पति के सीजन 17 में वसंत विहार की एसडीएम आयुषी डबास ने 25 लाख रुपये जीते। आयुषी डबास जन्म से देखने में असमर्थ हैं। आयुषी 2022 की भारतीय प्रशासनिक बैच की अधिकारी हैं। दृष्टिबाधित आयुषी ने फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट जीतकर हॉट सीट हासिल की जहां अमिताभ बच्चन ने उनका स्वागत किया। आयुषी ने बताया कि सिविल सेवा से पहले वह 10 साल तक लेक्चरर थीं और केबीसी उनके लिए एक भावना है।
मां से मिला हौसला
एसडीएम आयुषी बताती हैं कि जब से कौन बनेगा करोड़पति शो शुरू हुआ है, तब से उनका पूरा परिवार एक साथ बैठकर इस शो को देखता है। साथ ही उन्हें बताता रहता है कि सेट कैसा है, वहां रोशनी कैसी और आप किस तरह हर प्रतिभागी को सहज महसूस कराते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि उनका जन्म किसी चुनौती से कम नहीं था, जब उनके माता-पिता को पता चला कि वे दिव्यांग है और वह कभी देख नहीं पाएंगी, तो माता-पिता ने मेरी इसी कमजोरी को मेरी ताकत बना दिया। उन्होंने आगे कहा कि मुझे हौसला अपनी मां से मिला, मेरी मां चाहती थी कि मैं अपने जीवन में बड़े मुकाम हासिल करूं, यही वजह रही कि मैंने 'कौन बनेगा करोड़पति' ( KBC) प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
कौन हैं आयुषी डबास?
आपको बता दें कि एसडीएम आयुषी डबास दिल्ली की रहने वाली हैं और आयुषी 2022 की भारतीय प्रशासनिक बैच की अधिकारी हैं। आयुषी इस समय वसंत विहार दिल्ली में नियुक्त हैं। एसडीएम बनने से पहले आयुषी डबास ने 10 साल शिक्षिका के तौर पर सेवाएं दी। बता दें कि आयुषी दिल्ली यूनिवर्सिटी के एनसीवेब से पढ़ीं हैं। उन्होनें इग्नू से इतिहास में एमए किया। वर्ष 2015 में उन्होंने आईएएस की तैयारी शुरू कर दी थी और चौथे प्रयास में उन्होनें यूपीएससी में 48वीं रैंक हासिल की।
आयुषी इस सवाल का नहीं दे पाई जवाब
कौन बनेगा करोड़पति शो से आयुषी ने 25 लाख रुपये जीते, आयुषी ने बताया कि वे 50 लाख रुपये के सवालों का जवाब नहीं दे पाई, जिसमें उनसे पूछा गया था कि कल्पना चावला स्पेस पर कौन से म्यूजिक बैंड की एल्बम लेकर गई थीं। इसका जवाब वे नहीं दे सकी और उन्होंने गेम को क्विट कर दिया। केबीसी 17’ में दिव्यांग आयुषी डबास ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे गाइडेंस मिला। मैं चाहती हूं कि अगर कोई भी दिव्यांग या फिर कोई भी इंसान संघर्ष करते हुए हिम्मत हार गया है। अगर वो मुझे यहां बैठा देखकर कोई भी प्रेरित हो पाए, तो मैं समझूंगी कि मेरा सफर सफल हुआ।