कोलकाता गैंगरेप केस में मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे लगातार सामने आ रहे हैं. एक समय कॉलेज का छात्र रहा मनोजीत जब एड-हॉक स्टाफ बनकर कैंपस लौटा, तो छात्राओं के बीच खौफ का माहौल पनप गया. उसकी मौजूदगी भर से लड़कियां घबरा जाती थीं, और क्लास अटेंड करने से कतराने लगी थीं. डर के कारण उनकी हाजिरी तक घटने लगी.
कॉलेज में दिखाता था दबदबा, करता था बदतमीज़ी
मनोजीत के बैचमेट तितास मन्ना ने NDTV को बताया कि वह न सिर्फ छात्रों, बल्कि शिक्षकों और यहां तक कि प्रिंसिपल के साथ भी बेहद अभद्र व्यवहार करता था. लड़कियों का उससे डरना स्वाभाविक था. वह पूरे कैंपस में अपने अहंकार और दादागिरी के लिए बदनाम था.
लड़कियों को बनाता था निशाना, करता था फोटो लीक
एक छात्रा के अनुसार, मनोजीत लड़कियों की तस्वीरें चोरी-छिपे क्लिक कर उन्हें कॉलेज ग्रुप्स में डाल देता था. उसका व्यवहार इतना अशोभनीय था कि वह हर दूसरी लड़की को प्रपोज कर देता था. उसकी गंदी नजरों और हरकतों ने कैंपस का माहौल जहरीला बना दिया था.
डर के चलते क्लास छोड़ने लगीं छात्राएं
उसके कैंपस में कदम रखते ही छात्राओं का मन पढ़ाई से हटने लगा. वे असुरक्षित महसूस करती थीं और कुछ ने तो कॉलेज जाना ही बंद कर दिया. डर का आलम ये था कि छात्राएं उसके आसपास खड़े होने से भी घबराती थीं.
छात्रों का विरोध भी हुआ लेकिन बेअसर रहा
मनोजीत की आपराधिक पृष्ठभूमि किसी से छुपी नहीं थी. 2013 में हत्या की कोशिश के आरोप में उसे कॉलेज से निकाला गया था. फिर भी 2017 में उसकी वापसी स्टाफ के रूप में हो गई. छात्रों ने उसका विरोध किया और प्रशासन को चेताया, लेकिन उनकी बातें अनसुनी कर दी गईं. परिणाम आज सबके सामने है.