पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के राजाबाजार इलाके में शुक्रवार को सड़क पर नमाज अदा करने को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब इस मामले में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता Waris Pathan ने प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाए हैं और धार्मिक समानता की बात कही है।
वारिस पठान ने क्या कहा?
वारिस पठान ने कहा कि कोई भी व्यक्ति शौक से सड़क पर नमाज नहीं पढ़ता बल्कि परिस्थितियों के कारण ऐसा करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर शुक्रवार को कुछ मिनटों के लिए लोग सड़क पर नमाज पढ़ लेते हैं तो इससे किसी को दिक्कत क्यों होती है। उनके अनुसार कई बार मस्जिदों में जगह कम पड़ जाती है, जिसके कारण लोग बाहर नमाज अदा करते हैं।
धार्मिक बराबरी का मुद्दा उठाया
वारिस पठान ने यह भी कहा कि दूसरे धर्मों के लोग भी सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक गतिविधियां करते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर दूसरे समुदायों के कार्यक्रमों पर विवाद नहीं होता तो मुसलमानों के मामले में सवाल क्यों उठते हैं। उन्होंने इसे समान अधिकार और संविधान से जुड़ा मुद्दा बताया।
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क्या हुआ था राजाबाजार में?
रिपोर्ट के अनुसार राजाबाजार इलाके में कुछ लोगों ने सड़क पर नमाज अदा करने की कोशिश की थी। प्रशासनिक प्रतिबंधों के बीच यह मामला बढ़ गया और इलाके में तनाव जैसी स्थिति बन गई। घटना के बाद यातायात भी प्रभावित हुआ और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।
पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच बहस और झड़प की बातें भी सामने आईं। हालांकि बाद में अतिरिक्त पुलिस और केंद्रीय बलों की मदद से स्थिति सामान्य कर ली गई।
मामले पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों और यातायात व्यवस्था को लेकर यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। अलग-अलग दलों के नेता इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। प्रशासन फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है।