मध्य प्रदेश में रेलवे से जुड़ी एक अनोखी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बीते गुरुवार रात कोटा से भोपाल के लिए रवाना हुई एक विशेष ट्रेन में एक भी यात्री सवार नहीं था। 11 कोच वाली इस ट्रेन को बिना किसी पैसेंजर के ही भोपाल भेजा गया। सोशल मीडिया पर इस ट्रेन को लेकर मजाक उड़ाया जा रहा है और लोग सवाल पूछ रहे हैं – क्या इस ट्रेन में भूत बैठे थे? आखिर रेलवे ने बिना सवारी के पूरी ट्रेन क्यों दौड़ाई?
बिना सवारी के रवाना हुई पूरी ट्रेन
कोटा रेल मंडल से भोपाल के लिए एक Unreserved Special Train चलाई गई। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि ट्रेन के 11 कोचों में एक भी यात्री नहीं था। ट्रेन रात 11:10 बजे कोटा से रवाना हुई और पूरे रास्ते खाली रही। इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा अब सोशल मीडिया पर तेजी से हो रही है, जहां लोग रेलवे प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
NTES पर नहीं दिखी जानकारी, यूजर्स बोले- क्या भूत चढ़े थे?
यूजर्स ने सवाल उठाया कि ट्रेन की जानकारी NTES (National Train Enquiry System) पर क्यों नहीं दी गई। रेलवे ने सोशल मीडिया पर ट्रेन के बारे में जानकारी रात 9 बजे पोस्ट की, लेकिन तब तक अधिकांश यात्री योजना नहीं बना सके। इसी वजह से कोई भी सवार नहीं हो सका। कई लोगों ने व्यंग्य किया कि क्या ट्रेन सिर्फ 'भूतों' के लिए चलाई गई थी?
रेलवे की सफाई– यह कोई स्पेशल ट्रेन नहीं थी
रेलवे की ओर से बयान आया कि यह कोई विशेष ट्रेन नहीं थी, बल्कि एक Emergency Unreserved Train थी, जिसे भोपाल में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भीड़ नियंत्रित करने के लिए तत्काल रवाना किया गया था। रेलवे को शाम में नोटिफिकेशन मिला, फिर गाड़ी की जांच के बाद इसे रवाना किया गया। चूंकि ट्रेन अनरिजर्व्ड थी, इसलिए इसकी जानकारी NTES पर नहीं दी गई।
लोगों का सवाल- इतनी लेट सूचना से कौन सफर करेगा?
रेलवे की सफाई के बावजूद लोगों ने तर्क दिया कि यदि किसी ट्रेन की जानकारी दो घंटे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की जाए, तो आम यात्री कैसे जान पाएगा? सोशल मीडिया पर हर कोई सक्रिय नहीं होता और न ही हर व्यक्ति रात में अनरिजर्व्ड यात्रा करना चाहता है।