मध्य प्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ ने महिला वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया है। छतरपुर जिले के छोटे कस्बे घुवारा से निकली क्रांति ने न सिर्फ भारत को गौरवान्वित किया बल्कि प्रदेश का भी नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को वीडियो कॉल के जरिए उन्हें बधाई दी और एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
सीएम ने वीडियो कॉल पर दी बधाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उन्हें ‘विश्वविजेता टीम’ का हिस्सा बनने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि क्रांति की लगन और परिश्रम ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार हमेशा खिलाड़ियों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
क्रांति की मेहनत और लगन की मिसाल
छतरपुर जिले के घुवारा कस्बे की 22 वर्षीय क्रांति गौड़ बचपन से ही क्रिकेट की दीवानी रही हैं। पिता की नौकरी छूटने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद मां और भाई के सहयोग से उन्होंने अभ्यास जारी रखा। बचपन से तेज गेंदबाजी करने वाली क्रांति ने क्रिकेट के लिए पढ़ाई तक छोड़ दी थी।
संघर्षों से चमकी सफलता की राह
क्रांति की यात्रा आसान नहीं रही। पिता की नौकरी जाने के बाद परिवार को मजदूरी करके चलाना पड़ा। इस मुश्किल दौर में भी क्रांति ने अपने सपनों को जीवित रखा। रोज़ाना घंटों अभ्यास और कड़ी मेहनत ने उन्हें भारतीय महिला टीम तक पहुंचाया। आज वह लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
प्रदेश का गौरव बनीं क्रांति गौड़
महिला वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को हराने में क्रांति की गेंदबाजी निर्णायक साबित हुई। इस जीत के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि क्रांति जैसी बेटियां मध्य प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की पहचान हैं। अब राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है।