
एशिया कप के बाद अब ICC महिला वर्ल्ड कप 2025 में भी पाकिस्तान को टीम इंडिया ने धो दिया लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी स्टार कोई अनुभवी खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक नई सनसनी क्रांति गौड़, यानी लेडी बुमराह बनीं. 22 साल की इस तेज गेंदबाज ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी लाइनअप को हिला कर रख दिया. सिर्फ 10 ओवर में 20 रन देकर 3 विकेट और पाकिस्तान की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. इतना ही नहीं, बल्लेबाजी में भी क्रांति ने अंतिम ओवरों में शानदार चौके लगाकर टीम का स्कोर बढ़ाया और फिर गेंदबाजी में कहर बरपा दिया. यही कारण था कि उन्हें अपने पहले ही वर्ल्ड कप मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला.
फिल्म से कम नहीं क्रांति गौड़ की कहानी
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की रहने वाली क्रांति गौड़ की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं. एक वक्त था जब गांव वाले ताना मारते थे कि लड़की होकर क्रिकेट खेलती है? मगर क्रांति ने सबकी बातें अनसुनी कर दीं. पिता पुलिस में थे, लेकिन नौकरी छूटने के बाद भी उन्होंने बेटी का हौसला नहीं टूटने दिया. परिवार ने साथ दिया और वही क्रांति, जो कभी मिट्टी के मैदान में टेनिस बॉल से प्रैक्टिस करती थी, आज दुनिया के सबसे बड़े मंच पर पाकिस्तान जैसी टीम को धूल चटा रही है.
इसे भी पढ़ें : Raghav Juyal: मन्नत पहुंचते ही राघव जुयाल आर्यन खान से पूछ बैठे थे ऐसा सवाल, बोले- 'तुरंत हुआ गलती का एहसास'
इत्तेफाक से शुरू क्रिकेट करियर
क्रांति का क्रिकेट करियर एक इत्तेफाक से शुरू हुआ. एक लोकल टूर्नामेंट में लड़कियों की टीम में खिलाड़ी कम थी, तो किसी ने उनसे खेलने को कहा. क्रांति ने मना नहीं किया और पहली ही पारी में 3 विकेट और 25 रन जड़ दिए. यहीं से कोच राजीव बिलठारे ने उनके टैलेंट को पहचाना और उन्हें प्रोफेशनल ट्रेनिंग देना शुरू किया. मेहनत, जज़्बे और जुनून ने उन्हें वह मुकाम दिलाया जहां आज वो भारत की नई स्पीड क्वीन कहलाने लगी हैं. आज क्रांति गौड़ सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहीं, बल्कि लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. वो साबित कर चुकी हैं कि अगर इरादा सच्चा हो, तो ताने भी तालियों में बदलते देर नहीं लगती. पाकिस्तान को हराने वाली यह ‘लेडी बुमराह’ अब हर अखबार की हेडलाइन, हर क्रिकेट पेज की सेंसेशन और हर भारतीय फैन के दिल की धड़कन बन चुकी है.