रूसी तेल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर क्रेमलिन ने प्रतिक्रिया दी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद रोकने के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। ट्रंप ने दावा किया था कि भारत अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत रूस से कच्चे तेल की खरीद रोक देगा। क्रेमलिन ने कहा है कि भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी बहुत अहम है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंध मजबूत हैं। भारत ने हाल के वर्षों में रियायती रूसी कच्चे तेल की खरीद में काफी वृद्धि की है, जिससे रूस उसके शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक बन गया है।
भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली
भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील का कई क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इस डील के तहत अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है।
कंपनियां पहले से ही अमेरिकी बाजार में मजबूत
अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारतीय कपड़ा उद्योग को बड़ा फायदा होगा। टैरिफ घटने से भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका में काम करना आसान होगा, जिससे उनकी लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा। भारतीय फार्मा कंपनियां पहले से ही अमेरिकी बाजार में मजबूत हैं, और टैरिफ घटने से जेनेरिक दवाओं की कीमतें कम होंगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा। टैरिफ घटने से भारतीय सीफूड और कृषि उत्पादों की मांग अमेरिका में बढ़ेगी। भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारतीय निर्यात बढ़ेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।