मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कुबेरेश्वर धाम में सावन महीने के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण बड़ा हादसा हो गया। कांवड़ यात्रा की पूर्व संध्या पर अत्यधिक गर्मी और भगदड़ के हालातों के चलते दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों की हालत गंभीर है। यह हादसा उस समय हुआ जब पंडित प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में निकाली जाने वाली भव्य कांवड़ यात्रा से पहले हजारों भक्त मंदिर परिसर में एकत्र हो गए थे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
यात्रा से पहले उमड़ी भीड़, बिगड़ा हालातों पर नियंत्रण
5 अगस्त को कांवड़ यात्रा से एक दिन पहले ही देशभर से आए हजारों श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंचने लगे थे। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु सीवन नदी घाट से पैदल यात्रा करते हुए मंदिर प्रांगण में एकत्र हो रहे थे। दोपहर के समय भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और भगदड़ जैसे हालात बन गए।
इंदौर-भोपाल हाइवे पर भी जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिससे राहत कार्यों में भी परेशानी आई। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए, लेकिन गर्मी और उमस के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई।
दो महिलाओं की मौत, कई की हालत गंभीर
हादसे में दो महिला श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि अस्पताल में की गई है। दोनों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। इसके अलावा दो अन्य महिलाएं गंभीर हालत में हैं और उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने बताया कि 8 से 10 श्रद्धालुओं को बेचैनी, चक्कर और घबराहट की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुबेरेश्वर धाम में लाखों की आस्था
कुबेरेश्वर धाम, सीहोर का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जो शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। सावन के महीने में यहां लाखों श्रद्धालु कथा, पूजा और कांवड़ यात्रा में हिस्सा लेने पहुंचते हैं। विशेष रूप से पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने देशभर से भक्त जुटते हैं। इस बार की कांवड़ यात्रा में भी अनुमान से कहीं अधिक भीड़ पहुंची, जिससे स्थिति हाथ से निकल गई।
प्रशासनिक चूक या भीड़ प्रबंधन की असफलता?
इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या भीड़ प्रबंधन में चूक हुई या फिर सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे? कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों से पहले पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था, जल आपूर्ति और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम बेहद ज़रूरी होते हैं, जिनमें इस बार स्पष्ट कमी देखी गई।