Kubreshwar Dham:मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित कांवड़ यात्रा और रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम के दौरान तीन दिनों में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई। भीषण भीड़ और अव्यवस्था के चलते यह हादसे हुए। इन घटनाओं के बाद धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व मंत्री से लेकर बीजेपी और कांग्रेस के कई विधायकों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और आयोजनकर्ता पर कार्रवाई की मांग की है। सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
कांवड़ यात्रा में उमड़ी भारी भीड़
कुबेरेश्वर धाम में तीन दिन तक धार्मिक आयोजन चला, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। बुधवार को 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें करीब दो लाख से अधिक लोग शामिल हुए। इससे पहले मंगलवार को रुद्राक्ष वितरण के दौरान भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई। बुधवार को अलग-अलग स्थानों पर तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई और गुरुवार को दो और लोगों की जान चली गई।
पूर्व मंत्री ने साधा निशाना
पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कथावाचक धर्म के नाम पर लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने रुद्राक्ष वितरण को तुरंत बंद करने और आयोजक पर कार्रवाई की मांग की।
विधायकों ने किया समर्थन
बीजेपी विधायक कंचन तन्वे और कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह सहित कई नेताओं ने पूर्व मंत्री के बयान का समर्थन किया। उनका कहना है कि धर्म का उद्देश्य ज्ञान देना है, ना कि अव्यवस्था फैलाना।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
मामले में बढ़ते विवाद के बाद प्रदेश सरकार ने न्यायिक जांच की घोषणा की है। राजस्व मंत्री ने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।